बहराइच। जतौरा गड़रियनपुरवा निवासी अपने ही बड़े भाई की हत्या के एक दोषी को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने बुधवार को आठ वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जरवलरोड थाना क्षेत्र के जतौरा गडरियनपुरवा गांव निवासी शांतिदेवी ने 27 मई 2019 को थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनकी ननद की शादी में नकदी और सामान देने को लेकर पति केशवराम और देवर पुतान उर्फ ओमप्रकाश के बीच विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि देवर ने घर के आंगन में लगे खराब हैंडपंप की हैंडिल निकालकर केशवराम के सिर और शरीर पर कई वार कर दिए। इससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
बेटे के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी देवर भाग निकला। ग्रामीणों ने गंभीर हालत में घायल केशवराम को सरकारी अस्पताल मुस्तफाबाद में भर्ती कराया, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान दो जून 2019 को उनकी मौत हो गई।
शांति देवी की तहरीर पर पुलिस ने पुतान के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर घटना स्थल से साक्ष्य एकत्र किए और गवाहों के बयान लेकर 27 अगस्त 2019 को आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के बाद प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय पवन कुमार शर्मा ने 21 नवंबर को अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस पूरी होने पर निर्णय सुरक्षित रखा था। बुधवार को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पुतान को दोषी करार दिया और आठ वर्ष के सश्रम कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।