फखरपुर में हादसे में क्षतिग्रस्त कार। -संवाद
बहराइच। होली के त्योहार के दौरान जिले में पिछले दो दिनों में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में आठ लोगों की जान चली गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। तेज रफ्तार, लापरवाही और हेलमेट न पहनना इन हादसों के मुख्य कारण रहे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मटेरा के ग्राम दर्शनपुरवा निवासी कमलेश यादव (33) बुधवार को अपने चचेरे भाई दीपू यादव (25) के साथ बाइक से ससुराल रंजीतवा (रुपईडीहा) गए थे। शाम करीब पांच बजे लौटते समय नानपारा-रुपईडीहा मार्ग पर बसहरी मोड़ के पास बाइक अनियंत्रित होकर गहरे खड्ड में जा गिरी। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक दीपू अविवाहित था, जबकि कमलेश अपने पीछे पत्नी और दो वर्षीय पुत्र को छोड़ गए हैं।
एक अन्य हादसे में वजीरगंज-बौंडी मार्ग पर सोमवार देर शाम तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने एक ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में ई-रिक्शा सवार मेंहदी हसन (26) और अखिलेश (30) की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के अनुसार दोनों युवक लखनऊ में मजदूरी करते थे और सोमवार को ही घर लौटे थे। बहराइच से ई-रिक्शा द्वारा अपने गांव जाते समय अमवातेतारपुर के पास वे हादसे का शिकार हो गए।
जरवल रोड क्षेत्र के भवानीपुरवा उपधी गांव निवासी रामगोपाल (45) की मंगलवार को एक सड़क हादसे में मौत हो गई। वह एक अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहे थे, तभी कैसरगंज के पास सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। रामगोपाल के सिर में गंभीर चोट आई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार, हादसे के वक्त उन्होंने हेलमेट नहीं पहन रखा था।