फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भगवान शिव की आराधना करने के बाद श्रीराम से युद्ध करेगा रावण

विज्ञापन
विज्ञापन
बहराइच। दशहरा पर्व के अवसर पर रामलीला मैदान में मंगलवार को राम-रावण युद्ध का भव्य मंचन होगा। रावण के 45 फीट लंबे पुतले को बनाने में कारीगर जुटे हुए हैं। रामलीला मैदान के निकट पुतले का निर्माण चल रहा है। सोमवार देर रात तक पुतले को अंतिम रूप दिया जाएगा।
विज्ञापन

इस बार की रामलीला में रावण का पुतला अट्टहास करने के साथ बोलेगा और चलेगा भी। इसके लिए पुतले में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का सहारा लिया गया है। मेघनाद और कुंभकर्ण का भी पुतला बनाया जा रहा है। वहीं प्रभु श्रीराम से युद्ध करने के पूर्व रावण सिद्धनाथ मंदिर में भगवान शिव की आराधना करेगा।
दशहरा पर्व मंगलवार को है। पर्व को लेकर लोग उत्साहित हैं। इस अवसर पर जिले के विभिन्न हिस्सों में भगवान राम और रावण के बीच युद्ध का मंचन किया जाएगा। असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक रावण के पुतले का दहन भी होगा।
विज्ञापन

श्री मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित होने वाली रामलीला में मंगलवार को रामलीला मैदान में राम-रावण युद्ध का भव्य मंचन किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
समिति के अध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल ने बताया कि रावण का पुतला बनाने के लिए कारीगर जुटे हुए हैं। सोमवार देर रात तक पुतले को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस बार रावण का पुतला कम से 45 फीट का होगा। भगवान राम से युद्ध के दौरान रावण हंसने के साथ भगवान राम से वाकयुद्ध भी करेगा। इसके लिए कारीगर पुतले में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लगा रहे हैं।
रावण के पुतले का निर्माण करने वाले नाजिरपुरा निवासी पप्पू ने बताया कि पुतला बनाने में पांच कारीगर जुटे हुए हैं। पुतले का ढांचा बनाने व निर्माण करने में सात दिन का समय लगा है। भगवान राम द्वारा बाण का प्रहार करते ही तेज आतिशबाजी के साथ पुतले का दहन होगा।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष टेकड़ीवाल ने बताया कि रावण के साथ 25-25 फीट का मेघनाद और कुंभकरण का पुतला भी बनवाया गया है। यह पुतला भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। इनके जलने पर भी पटाखे छूटेंगे।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि इस बार आतिशबाज मैदान में रावण दहन के समय पटाखे व फुलझड़ियां छोड़ेंगेे। राम-रावण युद्ध के बाद आतिशबाजी शुरू होगी।
रामलीला मंचन में युद्ध के पूर्व रावण का जुलूस मंगलवार दोपहर नगर के सिद्धनाथ मंदिर से निकलेगा। जुलूस के पहले रावण सिद्धनाथ मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करेगा। यह जुलूस घंटाघर, चांदपुरा होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा।
रामलीला समिति के अध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल ने बताया कि रामलीला मैदान में 10 जनरेटर सेट पहले से लगे हैं। दशहरा पर्व के लिए छह और जनरेटरों की व्यवस्था की गई है। व्यवस्था पर नजर रखने के लिए रामलीला मैदान में प्रशासन की ओर से 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की तैयारी है।
दशहरा के मौके पर रिसिया, पयागपुर, बौंडी, जरवल और फखरपुर में भी रावण के पुतले का दहन होता है। इन स्थानों पर 30 से 35 फीट के रावण के पुतले का दहन किया जाता है। इस बार भी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें