घाघरा नदी कतर्नियाघाट जंगल के बीच से होकर महसी इलाके में पहुंचती है। जंगल के दो हिरन नदी में बहकर महसी इलाके में पहुंच गए। लेकिन मादा हिरन की नदी के तेज बहाव में डूबकर मौत हो गई, जबकि नर हिरन ने किसी तरह महसी के बरवलिया गांव के निकट नदी से निकलकर जान बचा ली।
यहां गांव के कुत्तों ने उसे नोंचकर घायल कर दिया। गांव के लोगों ने किसी तरह जख्मी हिरन को बचाया। वन विभाग को सूचना दी गई लेकिन कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। इसके चलते गांव निवासी पेशकार पुत्र गनेशी ने जख्मी हिरन को घर पर सुरक्षित किया है।
वह उसका उपचार भी कर रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि घाघरा नदी में पानी पीते समय कटान की जद में आकर नर और मादा हिरन नदी में गिर गए होंगे। इस मामले में वन क्षेत्राधिकारी परवेज रुस्तम का कहना है कि सूचना मिली है। टीम मौके पर भेजी जा रही है।