बहराइच। तहसील महसी के थाना हरदी अंतर्गत ग्राम गदामार कला (गढ़ीपुरवा) में वन्यजीव के हमले में आयुष की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। डीएम ने महसी तहसील क्षेत्र के संवेदनशील व अति संवेदनशील गांवों में ड्रोन से निगरानी किए जाने के निर्देश डीएफओ को दिए हैं। रात 11 बजे से सुबह चार बजे तक ड्रोन से निगरानी के साथ सतर्कता बरतने के लिए भी कहा है।
डीएम ने जंगली जानवरों के हमलों पर प्रभावी अंकुश के लिए एसडीएम व बीडीओ को महसी के चिह्नित संवेदनशील, अति संवेदनशील गांवों में पूर्व की भांति पुलिस कर्मचारियों, क्षेत्रीय लेखपाल, सचिव, सफाईकर्मी, रोजगार सेवक आदि ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मचारियों की टीम के साथ वन कर्मियों की रात्रि में ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंंने ड्रोन आदि के माध्यम से प्रभावी निगरानी कराने को कहा है ताकि किसी प्रकार की कोई और अप्रिय घटना न होने पाए। डीएम ने यह भी निर्देश दिया है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की कोई घटना घटित होती है, तो तत्काल मौके पर पहुंच कर प्रकरण के संबंध में मीडिया को पूरी जानकारी दी जाए।
वन्यजीव हमले से प्रभावित गांवों में तैनात किए गए अफसर
बहराइच। वन्यजीव के हमले में आयुष की मौत के बाद प्रभावित क्षेत्र में जन व पशु हानि रोकने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। महसी के वन्यजीव के हमला प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती की गई है। ये अफसर व कर्मी वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन करेंगे।
डीएम मोनिका रानी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पीआरडी जवानों की उपस्थिति सुनिश्चित कराते हुए कोटेदार, समूहों, आंगनबाड़ी, सफाईकर्मी, चौकीदार, ग्राम प्रधान, राजस्व लेखपाल एवं सचिव ग्राम पंचायत से संपर्क कर सायं आठ बजे से प्रातः पांच बजे तक अपने-अपने गांवों की निगरानी करें। साथ ही ग्रामीणों को जागरूक करने और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से तत्काल सूचनाओं को अपडेट करते रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। डीएम ने निगरानी में नियुक्त अधिकारियों व कर्मियों को वन विभाग से समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि जन अथवा पशुहानि न होने पाए।