फखरपुर (बहराइच)। विकासखंड क्षेत्र में ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने के लिए लगे इंडिया मार्का हैंडपंपों के रिबोर के नाम पर लाखों रुपये निकाले जा रहे हैं, लेकिन हैंडपंपों की स्थिति में कोई सुधार नहीं है। आलम यह है कि कहीं आठ तो कहीं सात महीने से हैंडपंप खराब पड़ा है। यही नहीं कई स्थानों पर हैंडपंप टूटे पड़े हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन हैं और ग्रामीण शुद्ध पेयजल के लिए भटक रहे हैं। प्रस्तुत है पड़ताल करती हुई एक रिपोर्ट...।
सीन- 01
मूसेपट्टी : छह महीने से शोपीस बना है हैंडपंप
ग्राम पंचायत मूसेपट्टी के की आसियान कॉलोनी की पड़ताल की गई तो यहां लगा इंडिया मार्का हैंडपंप खराब मिला। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि हैंडपंप छह महीने से खराब है और शोपीस बन कर रह गया है। यही नही हैंडपंप के चबूतरे की फर्श भी टूटी मिली।
सीन- 02
कदियापुर : आंगनबाड़ी केंद्र व पंचायत भवन का हैंडपंप खराब
कदियापुर गांव की पड़ताल में आंगनबाड़ी केंद्र व पंचायत भवन में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप खराब मिला। ग्रामीणोंं ने बताया कि हैंडपंप तीन महीने से खराब पड़ा है। इससे आंगनबाड़ी केंद्र पर आने वाले बच्चों व राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीन- 03
लालापुरवा : सात महीने से सूखा पड़ा है हैंडपंप
ग्राम पंचायत ततेहरा के मजरा लालापुरवा की पड़ताल में यहां लगा इंडिया मार्का हैंडपंप खराब मिला। ग्रामीणों ने बताया कि हैंडपंप सात महीने से खराब है। इसे सही करवाने के लिए कई बार शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सीन- 04
गुमाखापुरवा-नयापुरवा : बीच से दो खंड में टूटा पड़ा हैंडपंप
ग्राम पंचायत ततेहरा के मजरा गुमाखापुरवा व नयापुरवा में लगे हैंडपंप बीच से दो हिस्सों में बंटे मिले। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों हैंडपंप चार-पांच महीने से खराब पड़े हैं। ग्रामीण तौहीद, राजू, गुड्डू आदि ने हैंडपंप जल्द से जल्द सही करवाने की मांग की है।
हैंडपंपों के खराब होने की सूचना नहीं है। वर्तमान में नलों के रिबोर का कार्यक्रम चल रहा है और सूचना मिलने पर तुरंत हैंडपंप की रिपेयरिंग करवाई जाती है। जांच करवाकर हैंडपंपों को सही करवाया जाएगा।
अजय प्रताप सिंह, बीडीओ फखरपुर