बहराइच। आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत खस्ता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने तेजवापुर और हुजूरपुर आंगनबाड़ी केंद्रों का मुआयना किया तो बड़े पैमाने पर अव्यवस्थाएं मिलीं।
इसके चलते तेजवापुर की मुख्य सेविका से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, हुजूरपुर के रमवापुर की कार्यकर्त्री और मुख्य सेविका को भी नोटिस जारी किया गया है। सीडीपीओ हुजूरपुर से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि रंजीतपुर आंगनबाड़ी केंद्र का सुबह 9:05 बजे निरीक्षण किया गया। यहां कार्यकर्त्री व सहायिकाएं वर्दी में नहीं थी।
80 के सापेक्ष महज 16 बच्चे उपस्थित थे। हॉटकुक्ड समाप्त हो चुका था। वजन मशीन में सेल नहीं मिला, जिससे लग रहा है कि बच्चों की तौल नहीं होती। यहां सोनी नाम की बालिका अति कुपोषित पाई गई।
सुखनदिया के निरीक्षण में 48 के सापेक्ष 13 बच्चे ही मिले। पोषाहार पंजिका अपूर्ण पाई गई, जिसके चलते मुख्य सेविका से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
डीपीओ ने बताया कि हुजूरपुर के रमवापुर केंद्र के निरीक्षण में काफी गंदगी मिली। 80 के सापेक्ष महज छह बच्चे मौजूद थे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री केंद्र पर मौजूद नहीं मिलीं। यहां बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा अब तक निरीक्षण करने की पुष्टि नहीं हुई है।
रमवापुर द्वितीय केंद्र के निरीक्षण में भी अव्यवस्थाएं मिलीं। इसके लिए क्षेत्रीय मुख्य सेविका को जिम्मेदार मानते हुए कार्यकर्त्री और सेविका को स्पष्टीकरण का नोटिस दिया गया।
गुदुवापुर आंगनबाड़ी केंद्र पर भारी गंदगी मिली। वजन मशीन बदहाल मिली। चाकूजोत प्रथम केंद्र के निरीक्षण में पोषाहार पंजिका अपूर्ण मिली और हॉटकुक्ड समाप्त होने की बात बताई गई।
इस केंद्र पर शिवा, साबरीन, नैना, शनि और काजल समेत पांच बच्चे अति कुपोषित पाए गए। चाकूजोत केंद्र के निरीक्षण में 85 के सापेक्ष महज आठ बच्चे मिले। वजन मशीन उपलब्ध नहीं थी।
कटघरकला में 60 के सापेक्ष महज 25 बच्चे मिले। यहां भी पोषाहार पंजिका अपूर्ण पाई गई। डीपीओ ने बताया कि बड़े पैमाने पर केंद्र पर अव्यवस्थाएं मिली हैं।
इसके चलते लग रहा है कि सीडीपीओ हुजूरपुर द्वारा केंद्र का मुआयना नहीं किया जाता। इसके चलते इनसे स्पष्टीकरण तलब किया जाता है। साथ ही सभी केंद्रों की कार्यकर्त्री और मुख्य सेविकाओं को तीन दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।