नानपारा (बहराइच)। गिरधरपुर गांव के पास सरयू मुख्य नहर में बुधवार शाम बच निकली डॉल्फिन को गुरुवार सुबह नहर से सुरक्षित निकाल लिया गया।
लेकिन, जब उसे घाघरा नदी में छोड़ने के लिए विशेषज्ञ ले जा रहे थे तो रास्ते में ही डॉल्फिन ने दम तोड़ दिया। गुरुवार को पकड़ी गई डॉल्फिन बुधवार को पकड़ी गई डॉल्फिन की अपेक्षा काफी बड़ी थी।
मादा डाल्फिन की लंबाई लगभग छह फुट थी। डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है। अभी रिपोर्ट तो नहीं आई है लेकिन दम घुटने और इंफेक्शन फैलने के कारण डॉल्फिन की मौत होने की बात सामने आ रही है।
सरयू मुख्य नहर में बहकर आई मादा डाल्फिन अपने बच्चे के साथ चार दिन से अठखेलियां कर रही थी। नानपारा में गिरधरपुर गांव के निकट नहर में पानी अधिक होने से दो किलोमीटर परिक्षेत्र में दोनो गैंगेटिक डॉल्फिन ने अपना प्रवास स्थल बना लिया था।
सूचना पाकर बुधवार दोपहर लखनऊ से टर्टल सरवाइवल एलायंस और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर एक डॉल्फिन को निकालकर घाघरा में छोड़ दिया था। लेकिन, दूसरी बड़ी डॉल्फिन चकमा दे रही थी।
बुधवार देर रात तक टीम के विशेषज्ञ डॉल्फिन को पकड़ने की फिराक में लगे रहे लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। गुरुवार सुबह फिर डॉल्फिन को पकड़ने की कोशिश शुरू हुई।
टीएसए के समन्वयक भास्कर दीक्षित, डॉ. शैलेंद्र और वन क्षेत्राधिकारी नरेंद्र वर्मा की अगुवाई में टीम ने नहर में जाल डालकर डॉल्फिन को पकड़ लिया।
उसे सुरक्षित निकालकर विशेषज्ञ घाघरा की ओर रवाना हुए लेकिन कुछ दूरी पर ही रास्ते में डॉल्फिन ने दम तोड़ दिया। इससे टीएसए और वन विभाग के अधिकारी सकते में आ गए।
आननफानन डॉक्टरों का पैनल गठित कर पोस्टमार्टम कराया गया। डॉक्टरों ने डॉल्फिन की मौत का कारण पाल्यूशन इंस्फेक्शन और दम घुटना बताया है। पोस्टमार्टम के बाद डॉल्फिन को दफना दिया गया है।
करेंगे जांच : डीएफओ
बहराइच वन प्रभाग के डीएफओ अखिलेश पांडेय का कहना है कि नहर और नदी में काफी अंतर होता है, नहर में उछलकूद के दौरान शायद डॉल्फिन जख्मी हो गई थी। पत्थर की रगड़ भी लगी होगी।
उन्होंने कहा कि डॉल्फिन काफी नाजुक और संवेदनशील होती है। विशेषज्ञों ने सुरक्षित निकाल लिया था। हालांकि, अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। डॉक्टरों ने मौत का कारण मौखिक बताया है। रिपोर्ट मिलने पर जांच कर कार्रवाई करेंगे।