महसी (बहराइच)। तहसील दिवस के दौरान मीटिंग सभागार में महसी के एसडीएम मनोज कुमार को डीएम ने खूब जलील किया। मुरौवा गांव में अवैध कब्जे की जानकारी नहीं दे पाने पर डीएम ने एसडीएम को जमकर लताड़ लगाई।
अतिरिक्त मजिस्ट्रेट बनाते हुए उनकी गाड़ी भी छीन ली। एसडीएम को नायब तहसीलदार के निजी वाहन से बहराइच आना पड़ा। एसडीएम को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही दोबारा फाइल लेकर पहुंचने पर डीएम ने फटकारते हुए भगा दिया।
पंचायत निपटने के बाद जनवरी के पहले मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन किया गया। तहसील दिवस के दौरान जनसमस्याएं सुनने के लिए जिलाधिकारी अभय व एसपी सालिकराम वर्मा महसी पहुंचे।
यहां डीएम ने एसडीएम मनोज कुमार से तहसील क्षेत्र के मुरौवा गांव में हजारों एकड़ भूमि पर अवैध कब्जे के बारे में जानकारी मांगी लेकिन एसडीएम नहीं दे सके। इस पर डीएम भड़क उठे।
डीएम ने उनते जमकर लताड़ा और तत्काल अतिरिक्त मजिस्ट्रेट बना दिया। एसडीएम के सरकारी वाहन को भी मौके से ही हटा दिया गया।
इतना ही नहीं, एसडीएम फिर से फाइल लेकर मामले की जानकारी देने पहुंचे तो डीएम और भड़क गए। डीएम ने उनको भगा दिया।
एसडीएम को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के भी निर्देश दिए, जिसके बाद एसडीएम तहसील के नायब तहसीलदार हरिश्चंद्र के निजी वाहन से बहराइच को रवाना हुए।
डीएम ने मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार जैतापुर आरके विश्वकर्मा को भी गोसाइनपुरवा निवासी रामकली के प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई नहीं करने पर निलंबित करने की चेतावनी दी। डीएम के इस रुख की चर्चा पूरे दिन होती रही। तहसील के कर्मचारी दहशत में रहे।