बहराइच। हुजूरपुर इलाके में बच्चों से डीजे का लाइट बॉक्स उठवाना डीजे संचालक को भारी पड़ गया है। शनिवार को श्रम विभाग की टीम ने पीड़ित छह बच्चों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया। न्यायपीठ ने बच्चों के माता-पिता को बुलाकर उन्हें सख्त हिदायत दी। इसके बाद उनके संरक्षण में बच्चों को सौंपा। मामले में डीएम के निर्देश पर डीजे संचालक पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू की गई है।
ग्राम भंगहा के 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों से एक कार्यक्रम में डीजे का लाइट बॉक्स उठवाकर मजदूरी करवाई जा रही थी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद आयोजक ने डीजे संचालक को 12 हजार रुपये का बकाया भुगतान देने से मना कर दिया। इस पर बसंतपुर गांव निवासी डीजे संचालक दीपचंद्र बच्चों को साथ लेकर शिकायत करने हुजूरपुर थाने पहुंच गया। इसी दौरान निरीक्षण पर निकले एसडीएम कैसरगंज अखिलेश कुमार सिंह थाने पहुंचे तो बच्चों को देखकर डीएम को जानकारी दी। डीएम के निर्देश पर श्रम परिवर्तन अधिकारी सूरज तिवारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बच्चों को संरक्षण में लेकर उनका मेडिकल कराया। इसके बाद सभी को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष सतीश कुमार श्रीवास्तव ने बच्चों के अभिभावकों को बुलाकर भविष्य में बच्चों से मजदूरी न कराने की चेतावनी दी। श्रम विभाग ने बताया कि बालश्रम कराने के मामले में डीजे संचालक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
सीजेएम कोर्ट में चलेगा मुकदमा
सहायक श्रम आयुक्त सिद्धार्थ मोदयानी ने बताया कि छह बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराकर उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी डीजे संचालक को नोटिस भेजा जा रहा है। इसके बाद सीजेएम कोर्ट में मुकदमा चलाया जाएगा।