बसपा के मंडल कोऑर्डिनेटर समेत 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने पार्टी से नाता तोड़ दिया। उन्होंने पार्टी में पैसे को तरजीह दिए जाने का आरोप लगाया। मालूम हो कि गत विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे विनोद त्रिपाठी ने पिछले दिनों बसपा से किनारा कस लिया था।
गुरुवार को शहर के एक गेस्ट हाउस में विनोद त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुए एक बैठक में बसपा की स्थिति पर चर्चा के बाद मंडलीय कोआर्डिनेटर रामदेव आर्या समेत 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की। रामदेव ने कहा कि बसपा में सिर्फ पैसे की अहमियत है। कार्यकर्ता का कोई सम्मान नहीं है।
मायावती सिर्फ अपने विकास में लगी हुई हैं। विनोद त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में वह सभी काम करेंगे। कार्यक्रम में अमरनाथ प्रजापति, लालजी राव, सिपाही लाल, रमेश, शोभाराम, राहुल, नेकराम, नसीर समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।