फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गढ़ीघाट पुल बचाने को अनशन शुरू

Mon, 17 Aug 2015 10:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
विज्ञापन
विज्ञापन
बहराइच। सेतु निगम द्वारा छह करोड़ की लागत से निर्मित नानपारा ककरी गढ़ीघाट पुल के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। सरयू नदी ने पुल के पश्चिम स्थित छह सौ मीटर पिच रोड को काट लिया है।
विज्ञापन


इससे आसपास के 25 गांव जलमग्न हो गए हैं। पुल पर आवागमन ठप है। इससे करीब डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित है।

कई बार पत्राचार के बाद जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने गढ़ीघाट बाग में पूर्व विधायक वारिस अली के नेतृत्व में बेमियादी अनशन शुरू कर दिया है। इस बाबत ग्रामीणों ने डीएम को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की गुहार लगाई है।

नानपारा तहसील क्षेत्र अंतर्गत ककरी-गढ़ीघाट संपर्क मार्ग पर उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने छह करोड़ की लागत से पुल बनाया था।

पिछले साल इस पर आवागमन बहाल हुआ लेकिन पिच रोड को सरयू नदी के कटान से बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं हुए। आखिरकार पुल के पश्चिम करीब छह सौ मीटर पिच रोड नदी में समा गई है।
विज्ञापन


नदी की धारा पुल को छोड़कर दूसरी दिशा में बह रही है। इससे नेवादा पुरे कस्बाती, रामपुर धोबियाहार, रायगंज, पिपरिया, एकघरा, डल्लापुरवा, वैबाही, अरनवा, दलजीतपुरवा, बढ़ैयाकला, दौलतपुर, खैरीसमैसा, बलसिंहपुर, लगदिहा, बेलहन, महेशपुर आदि गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
विज्ञापन


ग्रामीणों ने पुल बचाओ, सड़क बनाओ संघर्ष समिति का गठन करते हुए पूर्व विधायक वारिस अली के नेतृत्व में गढ़ीघाट बाग में प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रशासन नहीं चेता तो नदी में खड़े होकर अनशन किया जाएगा। ग्रामीणों ने इस बाबत सीएम, डीएम को पत्र भेजा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें