बहराइच। सराफा कारोबार में खरीददारों का पैनकार्ड अनिवार्य किए जाने से सराफा व्यवसायियों में रोष है। शासन के इस निर्णय के विरोध में व्यवसायियों ने बुधवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। इसके बाद ंनगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
सराफा व्यापार मंडल के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बुधवार को सुबह से ही जिले के सराफा व्यवसायियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध जताया।
दोपहर में व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुमित खन्ना की अगुवाई में व्यापारी चौक बाजार में इकट्ठा हुए और यहां नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
अध्यक्ष सुमित ने कहा कि सरकार ने स्वर्ण आभूषणों की खरीददारी के लिए पैनकार्ड की अनिवार्यता कर दी है। यह पूरी तरह अव्यवहारिक है।
उन्होंने कहा कि सभी खरीददारों के पास पैनकार्ड नहीं होता, ऐसे में पैनकार्ड की अनिवार्यता से व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित होगा।
महामंत्री राजेश कुमार रस्तोगी ने कहा कि बहराइच के साथ ही अन्य जिलों में भी सराफा का कारोबार 80 फीसदी ग्रामीण अंचलों में होता है। गांव में लोगों के पास पैनकार्ड नहीं है।
ऐसे में पैनकार्ड के कानून को सरकार को तुरंत वापस लेना होगा। सभा को अर्जुन रस्तोगी, मृदुल अग्रवाल, नागेश्वरनाथ रस्तोगी, अरविंद सोनी आदि ने संबोधित किया।
इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र भेजा। इस मौके पर सराफा व्यवसायी सतेंद्र रस्तोगी, सत्या, बंटू, आशीष गुप्ता, राहुल सोनी, हरपाल, प्रदीप, रामनाथ सर्राफ, दीप वर्मा, दाऊ जी, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।