बहराइच। पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, केंद्र के समान सुविधाओं समेत 11 सूत्री मांगों को लेकर संयुक्त राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ के पदाधिकारी व सदस्य बुधवार को क्रमिक आंदोलन पर चले गए।
जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी संस्थानों पर फार्मासिस्टों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर कार्य किया। कर्मचारियों ने कहा कि यदि इस बार उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ प्रवक्ता डॉ ज्ञान चंद्र सोनकर ने बताया कि 12 जुलाई तक कर्मचारी काला फीता बांधकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
13 जुलाई से 21 जुलाई तक दो घंटे कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
इसके बावजूद यदि मांगों पर विचार नहीं हुआ तो 22 जुलाई को स्वास्थ्य भवन लखनऊ का घेराव कर आर-पार की लड़ाई के लिए 27 जुलाई को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि वेतन विसंगतियों को दूर नहीं किया गया है।
राजपत्रित अवकाशों पर कार्य के बदले एक माह का अतिरिक्त वेतन दिया जाए। पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल हो और रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष की जाए।
इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ रवि प्रकाश त्रिपाठी, मंत्री डॉ बीरेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ बलिराम कनौजिया, सचिव कैलाश चंद्र, ऑडिटर ओम प्रकाश, उपाध्यक्ष डॉ मोहम्मद आलम, प्रभा अग्रवाल, राजकुमार यादव, एसपी यादव, डॉ परवेज, ओमप्रकाश मिश्र, एपी गौड़, बीरेंद्र प्रसाद आदि लोग थे।