जरवल (ब्यूरो)। माइनर सूखी होने से गुस्साए किसानों ने शुक्रवार को नहर के सामने खड़े होकर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक टिकैत गुट के पदाधिकारियों व सदस्यों ने भी किसानों को समर्थन देकर नारेबाजी की।
किसानों ने कहा कि खेत मेें खड़ी फसलें सूख रही हैं लेकिन नहर में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। चेतावनी दी कि अगर 15 दिन में नहर में पानी नहीं छोड़ा तो आंदोलनकिया जाएगा। इस मामले में सभी ने हस्ताक्षरित पत्र जिलाधिकारी को भेजा है।
जरवल की ग्राम सभा बसहिया जगत के पास से माइनर की खोदाई 7 वर्ष पूर्व हुई थी लेकिन आज तक नहर में पानी नहीं छोड़ा गया है। इस बार वर्षा न होने से किसानों को खेत की सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है लेकिन नहर में पानी न होने से दिक्कत हो रही है। इससे भड़के किसान शुक्रवार को सूखी नहर के पास पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
भाकियू के जिला मीडिया प्रभारी अशोक मिश्र अन्ना ने भी मौके पर पहुंचकर संगठन की ओर से समर्थन देते हुए कहा कि सात वर्ष पूर्व कैसरगंज से पबही, जरवल देहात, बसहिया जगत, हरचंदा, धनसरी करनई, गोंदौरा, परसोहर, जतौरा, कैथोली आदि गांव के किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए माइनर का निर्माण हुआ था लेकिन इस नहर से किसानों को अभी तक एक बूंद पानी नहीं मिला है, जबकि इसकी जानकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बराबर दी गई है।
मीडिया प्रभारी ने नारेबाजी करते हुए कहा कि अगर 15 दिनों के अंदर नहर की सफाई करवाकर पानी न छोड़ा गया तो किसानों के साथ उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में लक्ष्मी यादव, रामदुलारे, चांद बाबू, जीवनलाल, अखिलेश निषाद, राधेश्याम, जयप्रकाश, ताज मोहम्मद समेत काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।