रिसियामोड़ (बहराइच)। डिहवा की ग्राम प्रधान पर चार परियोजनाओं में 2,79,056 रुपये वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा था। 24 जुलाई को जारी आदेश पर ग्राम प्रधान से डीएम ने जवाब मांगा। साथ ही जांच अधिकारियों को मौके पर भेजा गया, जिसमें परियोजनाओं में अनियमितता की पुष्टि हुई। पीली ईंटों का प्रयोग भी किया गया था। इस पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान का वित्तीय खाता सीज कर दिया है। मामले की जांच के लिए सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता की अगुवाई में दो सदस्यीय टीम गठित की गई है। गांव के विकास कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया है।
रिसिया विकास खंड अंतर्गत ग्रामसभा डिहवा की ग्राम प्रधान रेशमा हैं। ग्राम प्रधान के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता का आरोप ग्रामीणों ने लगाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान से जवाब मांगा, मगर उनका जवाब सही नहीं था। इस पर डीएम ने 20 अगस्त को टीम गठित कर भौतिक एवं वित्तीय जांच कराई। जांच अधिकारी की ओर से चार परियोजनाओं में 2,79,056 रुपये की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि की गई। इस पर डीएम ने ग्राम प्रधान के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सीज कर दिए। साथ ही जिलाधिकारी शंभु कुमार ने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता और सहायक अभियंता सरयू नहर खंड द्वितीय को पूरे मामले की जांच सौंपी है। जांच टीम से 15 दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है।
उधर, डीएम के निर्देश पर डिहवा के प्राथमिक विद्यालय परिसर में शनिवार को बैठक की गई। एडीओ पंचायत अजय गुप्ता की मौजूदगी में बैठक हुई, जिसमें 10 ग्राम पंचायत सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान गांव के विकास कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें राजपती, बृजमोहन और अख्तर अली को सदस्य बनाया गया। एडीओ ने बताया कि अब कमेटी द्वारा संयुक्त रूप से विकास कार्यों का संचालन किया जाएगा।