बहराइच मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू में एक बेड पर दो बच्चों भर्ती।
बहराइच। मौसम में परिवर्तन के साथ ही डायरिया का प्रकोप बढ़ गया है। डायरिया का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर दिख रहा है और बाल रोग विभाग का पीआईसीयू वार्ड फुल हो गया है। डायरिया के चलते ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है और 200 तक बाल रोगी पहुंच रहे हैं।
तराई का मौसम लगातार बदल रहा है। दिन में गर्मी के साथ सुबह-शाम बादलों व हवाओं के चलते ठंड पड़ रही है। इसका सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। इसके चलते बाल रोग विभाग की ओपीडी व भर्ती मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। ओपीडी में जहां उल्टी, दस्त से पीड़ित लगभग 200 बाल रोगी पहुंच रहे हैं तो पीआईसीयू वार्ड भी फुल हो गया है। मंगलवार को बाल रोग विभाग के जरनल वार्ड में 11 नए मरीजों के साथ कुल 40 बच्चे भर्ती मिले। वहीं, 18 बच्चों को स्वस्थ होने पर उन्हें घर भेज दिया गया। 10 बेड के पीआईसीयू में 12 बच्चे भर्ती हैं। वार्ड फुल होने से दो बेडों पर दो-दो बच्चे भर्ती मिले।
सफाई व खाने का रखें विशेष ध्यान
बाल रोग विशेषज्ञ व मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. अरविंद शुक्ला का कहना है कि बदलते मौसम के कारण डायरिया तेजी से फैल रहा है। बाल रोग विभाग की ओपीडी में इलाज के लिए मरीज बढ़े हैं। अभिभावकों को बच्चों के साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही बासी खाना खिलाने से बचना चाहिए और ताजा व कम तैलीय खाना खिलाना चाहिए। डायरिया के लक्षण दिखने पर तत्काल ओआरएस का घोल पिलाना चाहिए और उन्हें चिकित्सक को दिखाना चाहिए।