बहराइच। कजरी तीज के अवसर पर बुधवार को शिव मंदिर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठे। जलाभिषेक के लिए भोर से ही भक्तों का सैलाब उमड़ा।
सुहागिनों ने भगवान भोले और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर अक्षत सुहाग का वरदान मांगा। वहीं, जत्थों में पहुंचे कांवरियों ने भी भोले भंडारी को जल चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। शहर और ग्रामीण अंचलों में कांवरियों का जुलूस निकला।
तीज के मौके पर पूरे शहर को केसरिया झंडों से सजाया गया। शहर के सिद्धनाथ मंदिर में बुधवार तड़के ही भक्तों की कतार लग गई। महंत रविगिरि की मौजूदगी में यहां पूरे दिन जलाभिषेक और रुद्राभिषेक चला।
बोल बम कांवरियां संघ के बैनर तले कांवरिये परंपरागत तरीके से गुरुवार सुबह शहर के सरयू तट पर पहुंचे। यहां से जल भरकर शिव भजनों पर झूमते कांवरियों ने शहर के मुख्य मार्गों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुलूस निकाला। जत्थों में पहुंचे श्रद्धालुओं ने सिद्धनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया।
उधर, हिंदू कांवरिया संघ के अध्यक्ष बृजेश गुप्ता की अगुवाई में भी कांवरियों ने सरयू तट से जल भरकर जुलूस निकाला। पानी टंकी चौराहे पर सजाई गई बाबा बर्फानी की भव्य झांकी पर जलाभिषेक करते हुए कांवरिये पांडवकालीन सिद्धनाथ मंदिर पहुंचे। यहां सभी ने पार्थिव पूजन कर जलाभिषेक किया।
इस मौके पर पार्थिव पूजन समिति, भारत विकास परिषद, मारवाडी कांवरिया संघ, होली हुड़दंग समिति की ओर से छावनी के निकट कांवरियों का स्वागत करते हुए शिविर लगाकर प्रसाद का वितरण किया गया। जुलूस में बृजेश गुप्ता, विक्रमादित्य सिंह, विमल टेकड़ीवाल, आलोक कोहली, नितिन गुप्ता, कृष्णगोपाल तायल, मनीष रस्तोगी, हिमांशु गुप्ता आदि मौजूद रहे। मरी माता मंदिर, संहारिणी माता मंदिर में भी स्थापित शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों का रेला उमड़ता रहा।
पयागपुर के भूपगंज स्थित पंचायती मंदिर से श्रद्धालुओं ने मान्यता के तहत जमीन पर लेटकर चार किलोमीटर की दूरी तय कर बागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक किया।
इसी तरह पैंतोरा चौराहा, बस स्टॉप चौराहा, मसूदपुर चौराहा, भग्गड़वा आदि स्थानों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। मटेरा के जंगलीनाथ मंदिर में शिवभक्तों ने हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए जलाभिषेक किया। यहां आसपास के जनपदों के साथ ही पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के श्रद्धालुओं ने भी भगवान शिव की पूजा अर्चना की।
रिसियामोड़ के विश्रामघाट से जल लेकर कांवरियों का जत्था जंगलीनाथ मंदिर के लिए रवाना हुआ। कांवरिया संघ की ओर से स्टेशन चौराहे पर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। नेपाल के बागेश्वरी मंदिर में भी जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की सुबह से ही कतार लगी रही।
सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत
कजरी तीज पर सुहागिनों ने पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखा। शाम में भगवान शंकर और माता पार्वती की पिंडियां बनाकर उन्हें अक्षत, फूल, फल और मिष्ठान का भोग लगाया। मां पार्वती को शृंगार सामग्री चढ़ाकर उनसे अमर सुहाग की कामना की। रात भर भजन-कीर्तन कर जागरण किया और तड़के पुन: पूजा अर्चना कर पारण किया।