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Bahraich News: महसी-मिहींपुरवा में आफत की बाढ़, 20 गांवों में घुसा पानी, डूबी गृहस्थी

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 महसी व मिंहीपुरवा इलाके में गांवों में बढ़ा पानी।
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बहराइच/बिछिया। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से महसी और मिहींपुरवा तहसील के कछार क्षेत्रों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। नदी करीब दो सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 29 सेमी ऊपर पहुंच गया है। महसी के घूरदेवी में भी नदी खतरे के निशान से 22 सेमी ऊपर बह रही है। चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज समेत अन्य बैराजों से छोड़े गए पानी के बाद एल्गिन ब्रिज पर करीब 3.64 लाख क्यूसेक पानी पहुंच रहा है। इससे कछार क्षेत्र के करीब 20 गांवों और पुरवों में पानी घुस गया है।
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महसी तहसील क्षेत्र में पक्की सड़कें और चकरोड जलमग्न हो गए हैं। पूरे प्रसाद और पूरे सीताराम ग्रामसभा से जुड़े कई गांवों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। महंत पुरवा, जोधे पुरवा, टंच जंगल, जानकीनगर, गलकारा और अहिरनपुरवा समेत करीब 20 गांव व पुरवे बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। कई घरों में घुटने से ऊपर तक पानी भर गया है। गृहस्थी का सामान डूबने से ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। घरों में खाना बनाने के लिए सूखी जगह तक नहीं बची है। महिलाएं तख्त और ईंटों के सहारे चूल्हा रखकर भोजन तैयार करने को मजबूर हैं।

सड़कों पर पानी बहने से गांवों का आवागमन बाधित हो गया है। शौचालय का इस्तेमाल करना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। पशुपालकों के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि राहत और बचाव को लेकर किए जा रहे सरकारी दावे जमीनी स्थिति से मेल नहीं खा रहे हैं। उनका कहना है कि पर्याप्त नाव और स्टीमर उपलब्ध नहीं होने से लोग ट्यूब और जुगाड़ की नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं।
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मिहींपुरवा में तेजी से फैल रहा बाढ़ का पानी

मिहींपुरवा तहसील के सुजौली इलाके में भी बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। संपतपुरवा, धर्मपुर रेतिया, रामपुर रेतिया, खैरीपुरवा, भैंसा बुड़ना, 418, टिलवा, मुजवा, त्रिलोकी गौढ़ी और श्रीराम पुरवा गांव पानी से घिर गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार रात में हुई तेज बारिश के बाद नदी का पानी तेजी से बढ़ा और कई घरों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। अनाज, कपड़े और गृहस्थी का सामान पानी में डूब गया है। बाढ़ से गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। खाने-पीने की सामग्री की किल्लत भी बढ़ने लगी है। कई परिवार ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
नाव से पहुंचे एसडीएम, बांटी राहत सामग्री
महसी तहसील के एसडीएम राजेश अग्रवाल ने तहसीलदार विपिन चौरसिया, नायब तहसीलदार राजेश श्रीवास्तव और लेखपालों की टीम के साथ बाढ़ प्रभावित ग्राम पूरे प्रसाद सिंह के मजरे टंच, महंतपुरवा और जोधपुरवा का नाव से निरीक्षण किया। ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में एक नाव का संचालन हो रहा है। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार और ग्राम प्रधान को दो और नाव लगाने के निर्देश दिए। जरूरतमंद परिवारों को मौके पर 10 तिरपाल भी बांटे गए। एसडीएम ने तहसीलदार महसी को परिवारवार सूची तैयार कराकर प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत सामग्री वितरित कराने के निर्देश दिए। वहीं मिहींपुरवा एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने कहा कि बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं।
ग्रामीणों को किया अलर्ट, बुलाई एनडीआरएफ
एसडीएम राजेश अग्रवाल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी बढ़ा है ऐसे में ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए एनडीआरएफ बुलाई गई है। रात तक एक ट्रक एनडीआरएफ के जवान महसी पहुंच जाएंगे।

रविवार को जलस्तर की स्थिति
स्थान
जलस्तर
खतरे का निशान
डिस्चार्ज
शारदा बैराज 135.45 मीटर
135.49 मीटर
1,72,114 क्यूसेक
गिरिजापुरी बैराज 135.90 मीटर
136.78 मीटर
1,83,738 क्यूसेक
सरयू बैराज 130.70 मीटर
133.50 मीटर
8,284 क्यूसेक

तीनों बैराजों से नदी में छोड़ा जा रहा पानी : 3,64,136 क्यूसेक
एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.36 मीटर, खतरे का निशान 106.07 मीटर

घूरदेवी महसी पर जलस्तर 112.37 मीटर, खतरे का निशान 112.15 मीटर

 महसी व मिंहीपुरवा इलाके में गांवों में बढ़ा पानी।

 महसी व मिंहीपुरवा इलाके में गांवों में बढ़ा पानी।

 महसी व मिंहीपुरवा इलाके में गांवों में बढ़ा पानी।

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