घाघरा के उफनाने से मंगलवार को महसी के कायमपुर में बाढ़ के पानी से घिरे मकान
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घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है जिसके चलते महसी के साथ कैसरगंज तहसील क्षेत्र में भी बाढ़ की विभीषिका उत्पन्न हो गई है। जरवल विकास खंड के भी दस गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। धनसरी-जरवल मार्ग पर ढाई फुट पानी चल रहा है जिससे आवागमन ठप हो गया है।
अफरातफरी की स्थिति है। लोग पलायन कर रहे हैं। लेकिन नाव की व्यवस्था न होने से काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। उधर महसी क्षेत्र में बाढ़ के पानी से घिरे 13 गांव में दावे के बावजूद अब तक प्रशासन कोई मदद नहीं पहुंचा सका है। जिससे ग्रामीण परेशान हैं।
तराई में मामूली वर्षा हो रही है लेकिन नेपाल के पहाड़ों पर हो रही झमाझम बरसात के चलते घाघरा नदी उफान पर आ गई है। केंद्रीय जलायोग घाघराघाट के मापक सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि मंगलवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 104.416 मीटर रिकॉर्ड हुआ। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे से नदी के जलस्तर में ठहराव आ गया है। लेकिन अभी और जलस्तर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
इस समय नदी खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जिसके चलते कैसरगंज तहसील क्षेत्र का जरवल विकास खंड बाढ़ की चपेट में आ गया है। ग्राम पंचायत बहरामपुर, अहाता और खासेपुर के मजरे बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। धनसरी-पुरैनी मार्ग पर ढाई फुट पानी चल रहा है। जिससे आवागमन ठप हो गया है।
अफरा-तफरी की स्थिति है। वहीं महसी के भी 13 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। वहां पर तहसील प्रशासन के दावे के बावजूद अब तक कोई राहत सहायता नहीं पहुंच सकी है। सबसे खराब स्थिति जरमापुर गांव के लोगों की है। यहां लगभग 45 परिवार हैं। लेकिन बाढ़ में संपर्क मार्ग कटने के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। प्रशासन अब तक सिर्फ दावे ही करता नजर आ रहा है।