बहराइच। सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंशीय पशुओं की समस्या से निजात दिलाने के लिए शासन ने जिले में तीन नए वृहद गो आश्रय (संरक्षण) केंद्र स्थापित करने की स्वीकृति दे दी है। इन केंद्रों के निर्माण पर करीब 4.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यहां एक साथ लगभग 1200 गोवंशीय पशुओं को रखने की व्यवस्था होगी।
जो तीन नए गोआश्रय केंद्र स्थापित होंगे, उनमें दो गोआश्रय केंद्र पयागपुर ब्लॉक के ग्राम झाला तरहर में और एक केंद्र मिहींपुरवा ब्लॉक के सेमरहना ग्राम पंचायत में बनेगा। इसके लिए भूमि पहले ही चिह्नित कर ली गई है। इन केंद्रों का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा कराया जाएगा।
निर्माण कार्य पशुपालन विभाग की निगरानी में होगा, ताकि तय मानकों के अनुरूप सुविधाएं स्थापित की जा सकें। प्रत्येक केंद्र में करीब 400 गोवंश रखने की क्षमता होगी। यहां गोवंश के लिए शेड, चारा भंडारण, स्वच्छ पेयजल के साथ कर्मचारियों के लिए आवश्यक कक्ष भी बनाए जाएंगे।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश उपाध्याय ने बताया कि तीनों वृहद गोआश्रय केंद्रों के निर्माण को शासन से हरी झंडी मिल चुकी है और कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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जिले में बढ़ेगी गो आश्रय केंद्रों की संख्या
वर्तमान में जिले में 10 वृहद गोआश्रय केंद्र संचालित हैं, जहां कुल 3018 गोवंशीय पशु संरक्षित हैं। इनमें ग्रामीण इलाकों के नौ केंद्रों में 2373, जबकि शहरी क्षेत्र के एक केंद्र में 645 गोवंश रखे गए हैं। तीन नए केंद्र बन जाने के बाद जिले में गोआश्रय केंद्रों की संख्या बढ़कर 13 हो जाएगी।