बहराइच में काजीपुरा से नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में जुलूस निकालकर प्रदर्शन करते एमआईएमआईएम
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन की ओर से शुक्रवार को जामा मस्जिद से मार्च निकाल कर घंटाघर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी गई थी। संगठन का कहना था कि प्रशासन ने एक घंटे पहले अनुमति निरस्त कर दी। वहीं, नगर मजिस्ट्रेट ने किसी भी तरह की अनुमति देने से इन्कार किया है। हालांकि संगठन के कार्यकर्ताओं ने नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में जामा मस्जिद के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।
एआईएमआईएम की ओर से प्रशासन को पत्र देकर जामा मस्जिद से जुलूस निकालने की अनुमति मांगी गई थी, जिसमें अयोध्या मसले और नागरिकता संशोधन बिल को लेकर घंटाघर पर प्रदर्शन किया जाना था। शुक्रवार को जिलाध्यक्ष मिर्जा शमीम बेग की अध्यक्षता में कार्यकर्ता जामा मस्जिद काजीपुरा के पास एकत्र हुए। जुमे की नमाज के बाद जुलूस निकालना था।
इसकी सूचना मिलते ही नगर मजिस्ट्रेट जयप्रकाश, सीओ सिटी टीएन दूबे आदि पहुंच गए। उन्होंने जुलूस नहीं निकाले जाने की बात कही। जिस पर नोंकझोंक शुरू हो गई। हालांकि कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार की ओर से सदन में पेश किए गए नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने इस बिल को तत्काल निरस्त करने की मांग की। साथ ही साथ इस बिल को काला कानून करार दिया गया।
तेज बारिश होने के बावजूद आल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया और मांग की कि इस बिल को तत्काल निरस्त किया जाए। इस मौके पर संयुक्त सचिव मोहम्मद अल्ताफ, देवीपाटन मंडल के महासचिव मकीन मेकरानी, जिला महासचिव खालिद महमूद, जिला उपाध्यक्ष हाफिज तौकीर, सामाजिक कार्यकर्ता अकरम सईद, नगर अध्यक्ष नवाज अली, जिला उपाध्यक्ष डॉ. अली, डॉ. दानिश जमील, फिरोज बागवान, कामरान आदि मौजूद रहे। नगर मजिस्ट्रेट जयप्रकाश ने बताया कि कोर्ट के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए अनुमति मांगी गई थी, जिसे देने से इन्कार कर दिया गया। इन सभी को जुलूस भी नहीं निकालने दिया गया है।