बहराइच। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले जिले में मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने की कवायद तेज हो गई है। सत्यापन के दौरान कई स्थानों से शिकायतें मिल रही हैं कि मतदाता बीएलओ को आधार कार्ड उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। मिहींपुरवा, महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्रों में घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे बीएलओ को इस कारण खासी दिक्कत हो रही है।
जिले की अनंतिम मतदाता सूची में कुल 25,94,494 मतदाता दर्ज हैं। राज्य निर्वाचन आयोग से अपलोड की गई इस सूची का जब 1043 ग्राम सभाओं की मतदाता सूचियों से मिलान किया गया, तो 8,88,479 ऐसे मतदाता सामने आए, जिनका नाम, पिता/पति का नाम और जेंडर एक-समान पाया गया। पूर्व में ब्लॉक स्तर पर 3.42 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच की जा चुकी है, लेकिन नए आंकड़ों में बड़ी संख्या में नाम दोहराव की आशंका जताई गई है।
सहायक जिला निर्वाचक अधिकारी आरके शुक्ल ने बताया कि यदि किसी मतदाता का नाम एक से अधिक ग्राम पंचायतों में दर्ज पाया जाता है, तो सामान्य निवास वाली ग्राम पंचायत में नाम रखा जाएगा और अन्य स्थानों से हटाया जाएगा। सत्यापन के दौरान सही पाए जाने पर बीएलओ आधार कार्ड के अंतिम चार अंक दर्ज करेंगे। आधार या आवश्यक प्रमाण न देने की स्थिति में मतदाता सूची से नाम कट सकता है।