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Bahraich News: निडर होकर अपराधियों का मुकाबला करें बेटियां

Sun, 31 Aug 2025 01:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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पुलिस की पाठशाला में माैजूद मुख्य अति​​थि के साथ मौजूद छात्राएं व अन्य।   -संवाद
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पयागपुर। खूटेहना स्थित पंडित अशोक स्मारक महाविद्यालय में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शनिवार को पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें में छात्राओं ने बेबाकी से अपनी राय रखी। शिक्षिकाओं ने भी बदलते समाज में बेटियों की भूमिका के बारे में प्रकाश डाला। वहीं पुलिस ने सभी के प्रश्नों का खुल कर उत्तर दिया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए थानाध्यक्ष करुणाकर पांडेय ने कहा कि आज के समय में पुलिस की ओर से बेटियों की सुरक्षा को लेकर हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। बेटियां निडर होकर अपराधियों का मुकाबला करें, पुलिस हर कदम पर उनके साथ है। समाज में जागरूकता फैलाने की दिशा में किया जा रहा अमर उजाला का कार्य सराहनीय है।

पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर है। थानों में भी छात्राओं व बेटियों की बात सुनने के लिए अलग से महिला कांस्टेबल तैनात हैं। बस जरूरत है कि हम अपनी आवाज को बुलंद करें। आप हम तक शिकायत लाएं। आपकी पहचान गुप्त रखते हुए अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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चौकी इंचार्ज खुटेहना राकेश पांडेय ने छात्राओं को डायल 100, 1090, 181 आदि के बारे में भी जानकारी दी। इस मौके पर विद्यालय की शिक्षिका शिवानी वर्मा ने भी महिलाओं पर होने वाले विभिन्न अपराधों पर चर्चा की।

इस दौरान छात्रा गरिमा सिंह, सरस्वती सिंह, मीनाक्षी, माही सहित कई छात्राओं ने अपराध और अपराधियों पर होने वाले सजा की विभिन्न व्यवस्थाओं पर सवाल पूछे, जिसका जवाब थानाध्यक्ष ने विस्तार से दिया।

छात्राओं द्वारा बाल सुधार गृह की स्थिति के बारे में जिज्ञासा जताने पर थानाध्यक्ष ने उनसे जुड़े अपराध पर किशोरों की दंड व्यवस्था की भी जानकारी दी। उन्होंने बाल सुधार गृह के बारे में भी विधि व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी साझा की।

विद्यालय के प्रबंधक समय प्रसाद मिश्र ने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और अनजान नंबरों पर कोई निजी जानकारी न साझा करें। इस मौके पर उन्होंने कहा कि व्यक्ति की मृत्यु के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन ईश्वर ने जन्म देने का अधिकार सिर्फ मां को दे रखा है।

कहा कि महिला को कमजोर समझना किसी भी समाज के लिए अच्छा संदेश नहीं है। सीमा सुरक्षा में भी देश की बेटियां बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। वर्तमान में महिलाओं के उत्थान का दौर है। देश की सुरक्षा के साथ ही अंतरिक्ष में भी महिलाएं कदम रख चुकी हैं। यह उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचायक है। महिलाओं का दबदबा अब हर क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है।
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