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दरगाह मेला हिंदुओं की अस्मिता पर कलंक, लगे रोक : संत रविशंकर

Sat, 22 Mar 2025 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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संत रविशंकर।
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बहराइच/नानपारा। संभल में नेजा मेले पर रोक के बाद अब जिले में भी सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर लगने वाले जेठ मेले पर रोक की मांग तेज हो गई है। शुक्रवार को रिसिया स्थित पंचवटी श्री सीताराम आश्रम के पीठाधीश्वर संत रविशंकर ने मेले पर रोक लगाने की मांग उठाई। वीडियो बयान जारी कर उन्होंने दरगाह मेले को हिंदुओं की अस्मिता पर कलंक बताया और इसके खिलाफ जन जागरण यात्रा निकालने की घोषणा तक कर डाली।
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संत रविशंकर ने अपने वीडियो बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने बहराइच की धरती पर कहा कि किसी भी विदेशी आक्रांता का महिमा मंडन नहीं होना चाहिए। लेकिन बहराइच का दुर्भाग्य है, कि सालों से एक ऐसे विदेशी हमलावर का महिमा मंडन ही नहीं हो रहा बल्कि पूजा भी हो रही है। आम जनमानस को सूफी-संत बताया जा रहा है, जबकि महमूद गजनवी ने भारी नरसंहार किया और मंदिर तोड़े, देश की बहन-बेटियों की इज्जत लूटी। उसी आक्रांता के भांजे थे सैयद सालार मसूद गाजी। इन नरसंहारों में सालार मसूद की भी भूमिका थी।
हिंदू महाराजा सुहेलदेव महराज ने युद्ध के दौरान सालार मसूद गाजी को मौत के घाट उतार दिया था। ऐसे विदेशी आक्रांता की कब्र पर मेला लगाया जाना यह साबित करता है कि हिंदुओं की अस्मिता की कतई परवाह नहीं की जाती है। बहराइच की धरती गाजी की धरती नहीं हो सकती है, बहराइच की धरती शुरू से ऋषि बालार्क व सुहेलदेव की धरती रही है। उन्होंने कहा कि वह शीघ्र ही एक जन जनजागरण यात्रा निकालेंगे और आक्रांता की असलियत बतायेंगे।
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