महसी (बहराइच)। सरयू की लहरों का कहर महसी के टिकुरी गांव पर लगातार जारी है। मंगलवार को नदी ने आठ घर और 20 बीघे गन्ने व धान की फसल लगी भूमि को काटकर समाहित कर लिया। वहीं एक दर्जन घरों को कटान की जद में ला दिया। इससे ग्रामीणों में खौफ है।
महसी तहसील के ग्राम पंचायत टिकुरी में बीते कई दिनों से सरयू नदी कटान कर रही है। मंगलवार को नदी ने टिकुरी के मजरा हलवाई पुरवा निवासी नबीउल्ला, फारुक अहमद, इस्तियाक अहमद, मुजीब अहमद, किस्मत अली व टिकुरी गांव निवासी संगम कुमार, पवन कुमार, रामप्रताप के घरों को काट कर जलधारा में समाहित कर लिया। वहीं गांव निवासी नरेंद्र श्रीवास्तव, दुर्गेश श्रीवास्तव, धर्मेंद्र शुक्ला की गन्ना लगी दो 10 बीघा व बिहारीलाल, खेशा देवी की धान लगी लगभग 10 बीघे जमीन की कटान की। यही नहीं कटान करते हुए नदी गांव में बने परिषदीय विद्यालय के सौ मीटर की दूरी पर पहुंच गई है। साथ ही गांव निवासी लगभग एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों के घर भी नदी के मुहाने पर हैं।
ग्रामीणों में मलाल, हाल पूछने नहीं पहुंचे अधिकारी
कटान के भय से मंगलवार को गांव के कई ग्रामीण अपने परिजनों के साथ घर का जरूरी सामान ट्रैक्टर ट्राॅली पर लादकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। बताते चलें कि नदी ने अब तक 23 घरों व लगभग 70 बीघा कृषि भूमि को निगल लिया है। इससे ग्रामीणों में भय है। वहीं, ग्रामीणों में यह मलाल भी है कि दुख की घड़ी में न तो कोई जनप्रतिनिधि और न ही कोई बड़ा अधिकारी उनका हालचाल पूछने आया।
दी जा रही सहायता
कटान की स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। राजस्वकर्मियों को पूरी मुस्तैदी से नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। कटान पीड़ित परिवारों को अहेतुक सहायता दी जा रही है। -अखिलेश कुमार सिंह, एसडीएम महसी