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घाघरा में नहाते समय डूबा युवक

Sat, 02 Apr 2016 11:03 PM IST
बहराइच/अमर उजाला ब्यूरो
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घाघरा में युवक को तलाशते गोताखोर - फोटो : अमर उजाला
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बहराइच शहर के पांच युवक शनिवार को दोपहर में बाइक से घाघरा नदी पर बन रहे चहलारीघाट पुल को देखने गए थे। इसी दौरान युवकों ने नदी में नहाने का कार्यक्रम बनाया। नदी के तट पर कपड़े उतारकर चार साथी घाघरा में नहाने लगे। इस दौरान दो युवक तो स्नानकर बाहर निकल आए। लेकिन दो युवकों ने नदी में दूर तक तैरने की बात कही। और धमाचौकड़ी करने लगे।
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इसी दौरान दोनों युवक भंवर में फंस गए। चीख सुनकर तट पर मौजूद साथी ने ग्रामीणों की मदद से किसी तरह बचाया। जबकि दूसरा युवक डूब गया। पुलिस मौके पर पहुंची है। स्थानीय गोताखोर नदी को ख्ंागाल रहे हैं। लेकिन अब तक डूबे युवक का पता नहीं लग सका है। उसके घर में कोहराम मच गया है। 

महसी क्षेत्र में बहने वाली घाघरा नदी के चहलारी घाट पर पुल का निर्माण हो रहा है। इस निर्माणाधीन पुल को देखने के लिए शहर से अक्सर युवक यहां पहुंच जाते हैं। शनिवार दोपहर में कोतवाली नगर अंतर्गत मोहल्ला बड़ी हाट निवासी शफीेक अहमद (20) पुत्र शकील, अपने हमजोली जावेद (22) पुत्र जमाल और अजमल, सैफ तथा जैद के साथ बाइक से चहलारी घाट के लिए रवाना हुए।
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पांचों युवक दो बाइकों पर सवार थे। युवक चहलारी घाट पुल पर दोपहर 2:30 बजे पहुंचे। उस समय तेज गर्मी थी। इस पर सभी ने घाघरा में स्नान करने की योजना बनाई। लेकिन सैफ ने नदी में स्नान करने से इंकार कर दिया।

इस पर शफीक, जावेद, अजमल और जैद नदी में उतरकर स्नान करने लगे। कुछ देर बाद अजमल और जैद बाहर निकल आए लेकिन शफीक और जावेद ने नदी में कुछ दूर तक तैरने की बात कही और नहीं निकले इसी दौरान भंवर में फंसकर दोनों युवक डूबने लगे।

दोनों की चीख सुनकर तट पर मौजूद साथियों ने आसपास के ग्रामीणों की मदद से किसी तरह जावेद को बाहर निकाला लेकिन शफीक को नहीं बचाया जा सका वह डूब गया। जावेद भी काफी पानी पी चुका था। जिसके चलते उसे अर्द्धबेहोशी की हालत में जिला अस्पताल भेजा गया है।

घटना की सूचना पाकर हरदी थाने के उपनिरीक्षक जनार्दन राय, एसप्रसाद टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों को बुलाकर डूबे युवक शफीक की तलाश शुरू की है। लेकिन उसका कुछ पता नहीं लग सका है। सूचना घर पहुंची तो कोहराम मच गया। परिवारीजन घटनास्थल को रवाना हो गए हैं। 

क्या है भंवर
नदी में जहां पानी काफी गहरा होता है। वहां लहरें घूमने लगती हैं। भंवर में लहरों का घुमाव इतना तेज होता है कि उससे बच कर निकल पाना काफी मुश्किल होता है। बड़ी बड़ी नावें तक डूब जाती हैं।  

दूकान बंद करके गया था टहलने
शफीक के नदी में डूबने की खबर मिलने के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुराहाल है। बिलख रहे परिवारीजनों ने बताया कि दोपहर में 12 बजे के आसपास शफीक घर के बाहरी हिस्से में स्थित जनरल स्टोर की दुकान में बैठा था। उसी दौरान उसके दोस्त आ गए तो जरूरी बात कहकर घर से निकल गया। परिवारजनों का कहना है कि अगर यह कहता घाघरा नदी में नहाने जा रहे हैं तो न जाने देते। गौरतलब हो कि शकील के दो पुत्र थे। शफीक उनमें छोटा था।
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