पति के जीवित होने की आस छोड़ दी थी, लेकिन शुक्रवार की देर शाम पांच सालों के बाद जब वह लौटकर घर की दहलीज पर आया तो वकीला बेगम की आंखों से खुशी के आंसू छलक आए। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं रह सकी। बच्चों को खाना खिलाने के बाद पति-पत्नी सोने चले गए। लेकिन देर रात पति ने नींद में रही पत्नी पर गड़ासे से वार कर दिया।
गड़ासा सिर में लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसने शोर मचाकर पड़ोसी के घर शरण ली। पड़ोसियों ने उसे जिला अस्पताल पहुुंचाया है। पीड़िता के भाई ने थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने केस दर्ज करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया है। वारदात के बाद से आरोपी पति फरार है। नानपारा कोतवाली अंतर्गत कला लखैय्या गांव निवासी वकीला बेगम (34) का निकाह करीब 14 वर्ष पूर्व सोनवा थाना क्षेत्र के बरदेहरा गांव निवासी मुबारक अली के साथ हुआ था।
शादी के बाद पारिवारिक स्थिति व दांपत्य जीवन ठीक था। कुछ दिन बाद वकीला व मुबारक के बीच छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने लगे। पांच वर्ष पूर्व मुबारक अचानक घर से भाग गया। इसके बाद उसने न तो वकीला की कोई खबर ली और न ही घर लौटकर आया। जबकि वकीला ने काफी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
वकीला का कहना है कि करीब दो वर्ष पूर्व खबर मिली कि मुबारक की मुंबई में एक सड़क हादसे में मौत हो गई। लेकिन शुक्रवार की रात अचानक मुबारक घर आ धमका। वह कुछ तनाव में था। रात में मुबारक व वकीला बात-बात करते सो गए। लेकिन देर रात मुबारक ने पत्नी वकीला पर गड़ासे से वार कर दिया।
खून से लथपथ वकीला पीछे के दरवाजे से पड़ोसी रफीक के घर पहुंची। वहां वकीला को लहूलुहान देखकर सभी के होश उड़ गए। इसके बाद उसके भाई हामिद मनिहार को सूचना दी गई और वकीला को जिला अस्पताल लाकर भर्ती करवाया गया है। डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई है।
भाई हामिद ने सोनवा थाने में बहनोई मुबारक के खिलाफ तहरीर दी है। थानाध्यक्ष राजितराम ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। घटनास्थल का भी मुआयना किया गया है। साक्ष्य जुटाए गए हैं। आरोपी पति की गिरफ्तारी के लिए प्रयास चल रहा है।
गांव की रिश्तेेदार पर पति को बहकाने का आरोप
पीड़िता वकीला ने गांव निवासी रिश्तेदार किबाबुन उसके बेटे भुसैली व राजू पर पति मुबारक को बहकाने का आरोप लगाया है। उसने बताया कि इन रिश्तेदारों की नजर घर व जमीन पर है। कुछ दिन पूर्व इन लोगों ने जान से मरवाने की धमकी दी थी। इस बात की तहरीर पुलिस को दी गई थी।
मजदूरी कर करती है गुजारा
पांच सालों से पति मुबारक ने वकीला की कोई आर्थिक मदद भी नहीं की है। इसके चलते वह मेहनत व मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाती है। बच्चों अहमद हुसैन (12), अफसाना (10), गोलू (8) व कजली (6) का रो-रो कर बुरा हाल है।