नानपारा (बहराइच)। कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार सुबह स्नान करते समय दो चचेरे भाइयों की डूबकर मौत हो गई। नीलकोठी गांव निवासी दोनों भाई सरयू नदी के तकियाघाट पर डुबकी लगाने के लिए उतरे थे।
इसी दौरान एक भाई फिसलकर गहरे पानी में चला गया और उसे बचाने में दूसरा दलदल में फंस गया। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को निकालकर सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नानपारा के नीलकोठी गांव निवासी पवन कुमार (25) पुत्र रामबाबू अपने चचेरे भाई कृष्ण कुमार (24) पुत्र शेषनाथ व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बुधवार सुबह कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करने के लिए सरयू नदी के तकियाघाट पहुंचे।
परिवार के सदस्य स्नान करके जब पूजा अर्चना कर रहे थे तभी पवन और कृष्ण कुमार स्नान करने नदी में उतरे। स्नान करते हुए पवन नदी की बीच धारा में पहुंच गया और अचानक पैर फिसलने से वह डूबने लगा।
पवन की चीख सुनकर कृष्ण उसे बचाने के प्रयास में आगे बढ़ा लेकिन वह भी संतुलन खो बैठा और दलदल में फंसकर डूबने लगा। दोनों भाइयों की चीख-पुकार सुनकर तट पर मौजूद लोग बचाने के लिए कूदे लेकिन तब तक दोनों डूब चुके थे।
शोर सुनकर घर वाले भी मौके पर पहुंचे। मेलार्थियों की मदद से पवन और कृष्ण को अचेतावस्था में बाहर निकाला गया। परिवारीजन तत्काल दोनों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे लेकिन यहां डॉक्टरों ने दोनों भाइयों को मृत घोषित कर दिया।
सूचना पाकर पुलिस क्षेत्राधिकारी भरत यादव और तहसील के कर्मचारी मौके पर पहुंचे लेकिन परिवार के सदस्यों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया।
इस पर पंचनामा के बाद भाइयों के शव परिवारीजनों को सौंप दिए गए। दोनों भाइयों के शव जब एक साथ घर पहुंचे तो कोहराम मच गया।
तार-तार दिखे दावे, नहीं मौजूद थे गोताखोर
पुलिस और जिला प्रशासन ने कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर नदी और सरोवर के तट पर अनहोनी से निपटने के लिए गोताखोरों की तैनाती का दावा किया था लेकिन सरयू नदी के तकियाघाट पर दावे तार-तार दिखे। गोताखोर तो छोड़िए, एक सिपाही तक मौजूद नहीं था। जबकि, तकियाघाट पर कार्तिक पूर्णिमा का मेला सात दिन तक चलता है।