डायल-100 के सिपाहियों ने दो दिन पूर्व दो सगे भाइयों को पकड़ एक कमरे में बंधक बना मारा पीटा। शराब तस्करी का आरोप लगा छोड़ने के एवज में परिवारीजनों से एक लाख की मांग की। युवकों के पिता ने कोतवाली और एसपी से गुहार लगाई तो सीओ नानपारा ने प्रभारी निरीक्षक के साथ छापेमारी कर दोनों युवकों को शनिवार रात मुक्त कराया।
एसपी का कहना है कि सिपाहियों ने वसूली के लिए कदम उठाया। इसकी जांच चल रही है। उसके बाद कार्रवाई होगी। यह घटना नानपारा इलाके में ग्राम लखैया बितनिया निवासी कुबेरनाथ के पुत्र धनपत और अजय के साथ हुई।
आरोप है कि 12 जनवरी की रात 100 डायल वाहन (यूपी32बीजी-1535) पर तैनात सिपाही अर्जुन सिंह, प्रमोद यादव व चालक सतीश कुमार सिंह ने शराब तस्करी के आरोप में धनपत व अजय को घर से उठा लिया। दो दिन तक युवकों को नानपारा नगर के कतर्निया रोड स्थित एक मकान में बंधक बनाकर मारापीटा।
शराब तस्करी की बात नहीं स्वीकारने पर दोनों भाइयों को छोड़ने के एवज में एक लाख की डिमांड परिवार से की। इससे परेशान पिता कुबेरनाथ ने कोतवाली नगर में तहरीर दी। एसपी सालिकराम वर्मा को मामले से अवगत कराया।
एसपी ने सीओ नानपारा अजय भदौरिया को जांच के आदेश दिए। सीओ ने शनिवार रात प्रभारी निरीक्षक आलोक राव के साथ बंधक भाइयों के पिता द्वारा बताए गए स्थान पर छापा मारा। कमरे से दोनों को मुक्त कराया गया। रात में ही पुलिस सुरक्षा में दोनों को घर भेज दिया गया।
इस मामले में एसपी सालिकराम वर्मा का कहना है कि डायल 100 के सिपाहियों द्वारा दो युवकों को बंधक बनाकर पीटने और वसूली करने का मामला सामने आया है। इस मामले में सीओ नानपारा जांच कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया वसूली के मामले की पुष्टि हो रही है। जांच रिपोर्ट मिलने पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।