रुपईडीहा (बहराइच)। नरैनापुर गांव में काम करते समय एक श्रमिक अचानक ट्रैक्टर के नीचे आकर घायल हो गया। लेकिन, संवेदनहीन ट्रैक्टर मालिक उसका इलाज कराने के बजाय घर के बाहर उसे छोड़कर भाग निकला।
युवक को घर वाले जब जिला अस्पताल ले जाने लगे तो रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों ने थाने पर सूचना दी तो पुलिस ने किनारा कसने की कोशिश की। इस पर परिवारीजन शव लेकर थाने पहुंच गए।
तीन घंटे बाद पहुंचे एसओ ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के घर वालों ने ट्रैक्टर मालिक के खिलाफ तहरीर दी है।
रुपईडीहा थाना क्षेत्र अंतर्गत कस्बे के मोहल्ला घसियारी टोला निवासी धीरज सोनकर (30) पुत्र मेहीलाल मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था।
कुछ दिनों से वह क्षेत्र निवासी प्रेम साहू के ट्रैक्टर-ट्रॉली पर काम करने जा रहा था। गुरुवार दोपहर प्रेम साहू ट्रैक्टर-ट्रॉली पर धीरज को लेकर अब्दुल्लागंज के पास नरैनापुर गांव गया।
यहां ट्रॉली में ट्रैक्टर की शंटिंग करते समय पैर फिसलने से धीरज नीचे गिर गया और ट्रैक्टर से कुचल गया। बेहोशी की हालत में धीरज को ट्रैक्टर मालिक ने अस्पताल पहुंचाने के बजाए उसके घर के बाहर ले जाकर छोड़ दिया और खिसक गया।
धीरज को लहूलुहान देखकर परिवार में चीख पुकार मच गई। तत्काल सभी उसे लेकर रुपईडीहा थाने पहुंचे। वहां पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही।
देर रात धीरज को परिवारीजन बाबागंज पीएचसी ले गए तो डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाते समय रिसियामोड़ के पास उसने दम तोड़ दिया। घर वालों ने थाने पर सूचना दी लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
इससे नाराज परिवारीजन सुबह धीरज के शव को लेकर ग्रामीणों संग थाने पहुंच गए लेकिन थानाध्यक्ष छोटक यादव सूचना के बावजूद नहीं पहुंचे।
तीन घंटे बाद एसओ पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थानाध्यक्ष का कहना है कि परिवारीजनों की तहरीर पर जांच शुरू की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद केस दर्ज किया जाएगा।