बहराइच। कैसरगंज थाना क्षेत्र की एक निशक्त गैंगरेप पीड़िता ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र भेजकर अपनी बेटी के साथ आत्महत्या करने की इच्छा जताई है।
उसका कहना है कि रेप के बाद अनचाहे गर्भ का प्रसव कराया था लेकिन अब बेटी को नाजायज बताते हुए अस्पताल में डॉक्टर उसे टीके भी नहीं लगा रहे हैं।
सामाजिक व प्रशासनिक उपेक्षा से वह काफी आहत है। वहीं, दुष्कर्म करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है।
दोनों पैरों से निशक्त युवती (24) का कहना है कि अगस्त 2014 में उसके साथ गांव के ही ननकू उर्फ बड़कऊ और बैजनाथ ने गैंगरेप किया था। इसमें एक महिला पुष्पा देवी भी आरोपी थी।
आरोप है कि बैजनाथ को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया लेकिन ननकू और पुष्पा की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। पीड़िता ने बताया कि रेप के बाद उसे गर्भ ठहर गया था।
उसने अनचाहे गर्भ को हटाने का प्रयास किया लेकिन काफी देर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे हटाने से मना कर दिया। अब उसे नौ माह की बेटी है लेकिन अस्पताल में भी उसकी उपेक्षा की जा रही है।
टीके और दवाइयां देने में भी डॉक्टर व कर्मचारी आनाकानी करते हैं। इसी कारण उसने सीएम से इच्छा मृत्यु मांगी है।
इस संबंध में एसपी सालिकराम वर्मा ने कहा कि युवती से गैंगरेप करने वाला बैजनाथ जेल में है, जबकि ननकू और पुष्पा फरार चल रहे हैं। इस मामले में कोर्ट को अवगत कराया गया है। कोर्ट के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।