बहराइच। कतर्नियाघाट वन क्षेत्र में माफिया और तस्करों पर काबू पाने के लिए वन विभाग ने ऑपरेशन मानसून शुरू कर दिया है।
शुक्रवार रात साखू और सागौन के पेड़ काट रहे एक नेपाली समेत तीन माफिया को गश्ती टीम ने दबोच लिया। बरामद लकड़ी सीज कर दी गई है। तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
मानसून के दौरान कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में पर्यटकों की आमद नहीं होती। कीचड़ और जलभराव से जंगल में रास्ते घनी झाड़ियों की गिरफ्त में आ जाते हैं।
इसका फायदा वन माफिया और तस्कर उठाते हैं। इसको देखते हुए वन विभाग ने ऑपरेशन मानसून की रणनीति तैयार की।
खुफिया एजेंसियों ने सेंक्चुरी में तस्करों की आशंका जताई थी, जिसे अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसके बाद वन विभाग ने जंगल में मिलान गश्त तेज कर दी।
डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि रात में गश्त के दौरान जंगल में साखू के पेड़ की कटान करते हुए मोतीपुर के गुजरहना गांव निवासी कुर्बान पुत्र अब्बास को दबोचा गया है।
उसके कब्जे से तीन बोटा साखू की लकड़ी बरामद की गई। उधर, सागौन की कटान कर ढुलान कर रहे अकील पुत्र मुईद निवासी मोतीपुर को पकड़ा गया है।
डीएफओ ने बताया कि धर्मापुर रेंज के बीट संख्या 15 से नेपाल के वर्दिया जिले के गुलरिया खैरापुर निवासी बसंत पुत्र गिरधारी को साखू की अवैध कटान के साथ दबोचा गया।