फखरपुर थाना अंतर्गत अजीतपुर गजाधरपुर निवासी नान्हूं उर्फ नान (30) पुत्र हीरालाल छह माह पूर्व मुंबई कमाने गया था। लेकिन मानसिक तनाव के चलते वह नौकरी नहीं कर सका और माह भर पूर्व घर लौट आया। तब से वह गुमसुम रहता था। पत्नी रीना का कहना है कि आर्थिक तंगी के बावजूद लोगों से उधार लेकर पति का इलाज कराया, लेकिन मानसिक तनाव की समस्या दूर नहीं हुई। शुक्रवार रात परिवारीजन खाना खाकर सो गए।
रीना भी बच्चों के साथ घर में सो रही थी। रीना का कहना है कि सुबह तीन बजे तक पति कमरे में थे। लेकिन अचानक वह बाहर निकल गए। पत्नी का कहना है कि उसने समझा कि नित्यक्रिया के लिए उठे हैं। लेकिन जब देर तक पति वापस नहीं लौटे तो खोजबीन शुरू हुई।
घर से कुछ दूरी पर स्थित छप्पर में नान्हूं का शव लटकता मिला। इस पर परिवार के लोग चीख पड़े। गांव के लोग भी इकट्ठा हुए। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उधर हरदी थाना अंतर्गत भगवानपुर निवासी राजदुलारी (48) पत्नी आनंदी मिश्र शुक्रवार सुबह प्रतिदिन की तरह सोकर उठी। घर का कामकाज निपटाया।
10 बजे के आसपास जब परिवारीजन अपने कार्यों में व्यस्त थे। तभी राजदुलारी ने अचानक घर के अंदर फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। एक घंटे बाद परिवार के लोगों को जब पता चला तो घर में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का कहना है कि फांसी लगाने का कारण पता नहीं चल सका है।
बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। हरदी थानाध्यक्ष शुभसुचित वर्मा का कहना है कि महिला के आत्महत्या की जानकारी नहीं है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई करेंगे।