कानपुर के पुखराया रेलवे स्टेशन के निकट रविवार भोर में हुए ट्रेन हादसे में बहराइच के भी आठ यात्री घायल हुए हैं। दो यात्री लापता हैं। घायलों में एक शिक्षक की रात को कानपुर के अस्पताल में मौत हो गई। हादसे का शिकार हुई ट्रेन में बहराइच के 45 लोग सवार थे। अन्य यात्री सकुशल बताए गए हैं। यह सभी उज्जैन महाकाल के दर्शन कर वाराणसी जा रहे थे।
सुबह हादसे की सूचना मिलने पर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। आनन-फानन में कई परिवारीजन कानपुर रवाना हो गए। यहा मौजूद लोग अपनों की कुशलक्षेम के लिए चितिंत थे। इंदौर से पटना जा रही एक्सप्रेस ट्रेन रविवार भोर में कानपुर के पुखराया रेलवे स्टेशन के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
इस ट्रेन में बहराइच के मोहल्ला घसियारीपुरा, फतेहपुरा, ब्राह्मणीपुरा व ग्राम बनिया, बभनीचक तथा बौंडी के अमवा डिहवा के लोग सवार थे। भीषण हादसे में सभी बाल-बाल बच गए। दुर्घटना में घसियारीपुरा निवासी अधिवक्ता रामकृष्ण पाठक, दयाराम शर्मा, उनकी पत्नी मालती शर्मा, भतीजी अश्विनी शर्मा, मोहल्ला फतेहपुरा निवासी बिंदेश्वरी प्रसाद शुकला, अमवा डिहवा बौंडी निवासी जीवनलाल उपाध्याय व निरंकार मिश्र घायल हुए हैं। अन्य को मामूली चोटें आई हैं।
घायलों को कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनमें दयाराम शर्मा की रात को मौत हो गई। बहराइच के 45 लोग तीन नवंबर को धार्मिक यात्रा पर मोहल्ला बख्शीपुरा निवासी श्याम बिहारी पांडेय व निरंकार मिश्रा के साथ निकले थे। हरिद्वार, द्वारिका, सोमनाथ, उज्जैन महाकाल में सभी ने दर्शन किया।
इसके बाद वाराणसी जाने के लिए 19 नवंबर को इंदौर-पटना एक्सप्रेस में सवार हुए। फोन पर बातचीत में श्याम बिहारी पांडेय ने बताया कि वह बहराइच के लोगों के साथ कोच एस-8 में सवार थे। तड़के सवा तीन बजे के करीब तेज घरघराहट के साथ धमाके की आवाज के साथ चीख-पुकार मच गई।
आधे घंटे बाद ट्रेन पलटने की जानकारी हुई। इसमें हमारे साथ गए आठ लोग घायल हो गए थे। किसी तरह लोगों की सहायता से उन्हें बाहर निकाला गया। अन्य लोगों को भी हल्की चोटें आई हैं।