नेपालगंज निवासी एक किशोरी को तस्कर शादी करवाने का झांसा देकर उत्तराखंड ले जा रहा था। यहां पर वह किशोरी को तस्कर को सौंप देता। शक होने पर एसएसबी के जवानों ने दोनों को रोक लिया। पूछताछ में युवक ने किशोरी को बेचने की बात स्वीकारी। इस पर उसे हिरासत में लेकर नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया है। वहीं, किशोरी को मायती संस्था के सुपुर्द कर दिया गया।
एसएसबी के 42वीं बटालियन के इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि रविवार को एसएसबी के जवान सीमा पर चेकिंग कर रहे थे। तभी एक मानव तस्कर किशोरी को लेकर आता दिखाई पड़ा। इस पर उसे रोक कर पूछताछ शुरू की गई तो तस्कर ने किशोरी को अपनी पत्नी बताया।
इस पर उससे आईडी दिखाने की बात कही गई तो सभी टूट गए। युवक ने बताया कि वह लड़की को शादी का झांसा देकर उत्तराखंड के ऋषिकेश ले जा रहा था। यहां पर उसे दूसरे के हाथ बेच दिया जाता। उसने बताया कि वह कई माह से किशोरी से बात कर रहा था।
बात करने के दौरान ही शादी कराने का झांसा दिया, जिससे किशोरी उसके चंगुल में फंस गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि पकड़े गए मानव तस्कर की पहचान प्रदीप निवासी पवन नगर वार्ड नंबर एक जिला दांग नेपालगंज के रूप में हुई है।
वहीं, किशोरी की पहचान निवासी काबरा वार्ड नंबर सात जिला सल्यान नेपाल के रूप में हुई है। हेड कांस्टेबल राजेश्वर मिश्रा, महिला कांस्टेबल कुसुम देवी, जेलीयास कॉलको ने किशोरी को कब्जे में लेकर नेपाल की संस्था माइती को सौंप दिया है। जबकि मानव तस्कर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के लिए नेपाल पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।