नानपारा (बहराइच)। नानपारा नगर स्थित एक दुकान के किरायेदारी को लेकर नानपारा पुलिस ने आगजनी और संघर्ष की संभावना जताई थी। यह रिपोर्ट मिलने के बाद एसडीएम ने विवादित दुकान को सील करवाकर कुर्की के आदेश दे दिए हैं।
कोतवाली के उपनिरीक्षक ने दुकान में रखे सामान का ब्यौरा इकट्ठा करने के बाद उसे सील कर दिया है। रिपोर्ट एसडीएम को भेजी गई है। इसके साथ ही कुर्की की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
नानपारा नगर क्षेत्र निवासी साहीना खातून पत्नी मोहम्मद अहमद ने वर्ष 2006 में 29 जनवरी को नगर में स्थित बस अड्डा के निकट एक दुकान का बैनामा कराया था। इसके बाद यह दुकान नगर निवासी रामगोपाल को किराये पर दे दी थी।
रामगोपाल अपने बेटे संजय और दिलीप के साथ टेंट तथा हार्डवेयर का काम कर रहा था लेकिन छह साल से दुकान को खाली करवाने के लिए साहीना दबाव बनाने लगी। इसके चलते मामला न्यायालय में पहुंच गया।
मार्च मेें पुन: साहीना और रामगोपाल के बीच विवाद हुआ। इसके बाद साहीना ने उपजिलाधिकारी के कार्यालय पर प्रार्थना पत्र देकर दुकान पर कब्जा दिलवाने की मांग की थी। एसडीएम ने कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से आख्या तलब की थी।
प्रभारी निरीक्षक ने 11 मार्च 2016 को मामले की जांच करके जो आख्या दी, उसमें दुकान को लेकर आगजनी और संघर्ष होने की आशंका जताई थी। यह रिपोर्ट अब एसडीएम के पास पहुंची है।
इस पर उपजिलाधिकारी अमिताभ यादव ने दुकान को सीज कर कुर्की करने के आदेश दे दिए हैं। उसी के तहत शनिवार शाम को उपनिरीक्षक अशोक सिंह ने दुकान में मौजूद सामान की गिनती की, फिर उसे सील कर दिया। उन्होंने कहा कि अब कुर्की की कार्रवाई शुरू होगी। गौरतलब हो कि एसडीएम का इस तरह का यह पहला आदेश है।