बहराइच। जननी सुरक्षा योजना के तहत बौंडी एडिशनल हेल्थ सेंटर पर 60 वर्षीय विधवा ननकई को दस माह के भीतर पांच मर्तबा प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया गया।
इस घोटाले के खुलासे के बाद कई और केंद्रों पर अनियमितता का भंडाफोड़ हुआ, जिसे केंद्र व प्रदेश सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। मंगलवार को निदेशालय की नौ सदस्यीय टीम ने बहराइच पहुंचकर मामले की जांच शुरू की है।
हालांकि, सीएमओ समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी जांच से किनारा कसे हुए हैं। टीम मामले की जांच कर मिशन निदेशक को रिपोर्ट सौंपेगी।
मालूम हो कि फखरपुर प्राथमिक हेल्थ सेंटर अधीन बौंडी अतिरिक्त हेल्थ सेंटर पर बौंडी निवासी ननकई (60) को दस माह में पांच मर्तबा नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत संचालित जननी सुरक्षा योजना का लाभ दिया गया।
इसका खुलासा अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ किया था। स्वास्थ्य विभाग के इस अनूठे कारनामे के खुलासे के बाद प्रदेश स्तर से लेकर नेशनल स्तर के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
शासन के निर्देश पर अपर निदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ उमाकांत वर्मा ने जांच की। जांच में खुलासा हुआ कि बीते वित्तीय सत्र में 52 हजार 433 प्रसूताओं को चौदह सौ रुपये के चेक वितरित किए गए हैं।
इस तरह करीब सात करोड़ रुपये का वारा-न्यारा किया गया है। प्रोत्साहन राशि का भुगतान बिना सत्यापन के किया गया है। सीएमओ समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी इस खेल में मिले हुए हैं। सीएमओ, एडी व डीएम स्तर की जांच पर शासन ने असंतुष्टता जाहिर की है।
केंद्र सरकार के निर्देश पर मंगलवार को स्वास्थ्य निदेशालय के संयुक्त निदेशक डॉ. एनके बनौधा के नेतृत्व में नौ सदस्यीय टीम बहराइच पहुंची।
टीम ने फखरपुर व बौंडी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अभिलेखों की जांच की है। इसके अलावा कई अन्य और स्वास्थ्य केंद्रों का भी टीम ने जायजा लिया है।