रुपईडीहा में स्थित एसएसबी आउटपोस्ट के तत्कालीन सहायक सेनानायक अभिनव कश्यप को 29 दिसंबर 2011 को नेपाल से चरस की खेप लाए जाने की सूचना मिली थी। इस पर सहायक सेनानायक ने सघन जांच शुरू करवाई थी।
जिसके चलते उसी दिन दोपहर में नेपाल के पालपा अंचल लुंबिनी निवासी मोहन थापा उर्फ मनबहादुर खंगाहा को पकड़ा गया था। उसके कब्जे से एक किलो 50 ग्राम चरस बरामद हुई थी।
चरस की यह खेप दिल्ली ले जायी जा रही थी। एसएसबी ने बरामद चरस को सीज कर आरोपी को पुलिस के माध्यम से जेल भेजा था। उसी मामले में शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार के न्यायालय पर सुनवाई हुई।
बचाव पक्ष के साथ ही सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह ने भी अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की बहस के बाद अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार ने नेपाल निवासी मोहन थापा को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाते हुए एक लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है।