बहराइच। एमएलसी चुनाव की गहमागहमी के बीच सोमवार सुबह बहराइच की भाजपा सांसद सावित्रीबाई फुले की कार को व्यय प्रेक्षक ने अपने कब्जे में ले लिया।
सांसद और भाजपा कार्यकर्ताओं की इसे लेकर अफसरों से तीखी नोकझोंक हुई। लगभग तीन घंटे बाद कोतवाली देहात पुलिस ने कार का चालान कर दिया। भाजपा ने प्रशासन पर चुनाव में दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
एमएलसी चुनाव को देखते हुए प्रशासन ने गाड़ियों की चेकिंग शुरू कर दी है। सोमवार सुबह 11 बजे करीब पानी टंकी चौराहे पर व्यय प्रेक्षक अमीश अग्रवाल ने सांसद सावित्रीबाई फुले की गाड़ी को रोक लिया।
सांसद के गाड़ी में मौजूद नहीं होने पर प्रेक्षक ने चौराहे पर गाड़ी खड़ी करा दी। इसके बाद प्रेक्षक गाड़ी की चाभी पुलिस को सौंपकर चले गए।
मौके पर पहुंची सांसद व उनके समर्थकों ने गाड़ी को कब्जे में लेने का विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट वीएन पांडेय और सीओ सिटी एपी सिंह भी चौराहे पर आ गए।
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि प्रशासन सत्ता पक्ष के दबाव में काम कर रहा है। एमएलसी प्रत्याशी त्रिपुरारीमणि त्रिपाठी के चुनाव में प्रशासन गतिरोध पैदा करना चाहता है।
इसीलिए रविवार को पूर्व सांसद पदमसेन चौधरी को कोतवाली देहात पर रोका गया और आज मेरी गाड़ी को प्रशासन ने कब्जे में ले लिया। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तीन घंटे तक हंगामा होने के बाद कोतवाली देहात पुलिस ने सांसद के वाहन का चालान किया। जिसके बाद सांसद गाड़ी लेकर रवाना हो गईं।