बहराइच, बरेली व बदायूं में जननी सुरक्षा योजना के तहत हो रहे फर्जी भुगतान के मामले में एनएचएम के मिशन निदेशक ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने फखरपुर पीएचसी पर हुए घोटाले की पूरी रिपोर्ट तलब की है।
सीएमओ ने भी जांच रिपोर्ट व जेएसवाई की सूचना मिशन निदेशक को प्रेषित कर दी है। सूत्रों की मानें तो मिशन निदेशक की नजर में सीएमओ समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
दोष सिद्ध जिम्मेदारों पर कार्रवाई व फर्जी भुगतान की रिकवरी हो सकती है।
बौंडी स्वास्थ्य केंद्र पर जननी सुरक्षा योजना में बड़े पैमाने पर फर्जी प्रसव का मामला सामने आया है। फौरी तौर पर सीएमओ डॉ केबी जैन ने पांच छोटे कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की है लेकिन पीएचसी प्रभारी व फार्मासिस्ट को स्थानांतरण का दंड देकर छोड़ दिया।
इससे सीएमओ की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो गए। यह मामला जब शासन तक पहुंचा तो अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ उमाकांत वर्मा को जांच की जिम्मेदारी दी गई।
डॉ. वर्मा ने शुक्रवार को बौंडी पहुंचकर महिला व उसके परिवारीजनों के बयान दर्ज किए। इस मामले पर मिशन निदेशक अमित घोष व वरिष्ठ सलाहकार डॉ वीएस अरोड़ा ने भी कड़ा रुख अपनाया है।
उन्होंने सीएमओ को नोटिस भेजकर अब तक हुई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा तलब किया और योजना के रिकार्ड भी मांगे हैं। सीएमओ डॉ केबी जैन ने जांच रिपोर्ट व फखरपुर पीएचसी अंतर्गत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर हुए प्रसव के रिकॉर्ड मिशन निदेशक को भेज दिए हैं।