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जननी की कोख चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट

Sat, 04 Jul 2015 08:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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स्वस्थ मां, स्वस्थ संतान, तत्काल भुगतान की मंशा से संचालित जननी सुरक्षा योजना भी एनआरएचएम की तरह ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है।
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बौंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ननकई के फर्जी प्रसव के खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। लेकिन, महकमे ने सिर्फ ननकई के साथ ही छल नहीं किया बल्कि गांव की करीब 200 महिलाएं हैं, जिन्हें फर्जी तरीके से प्रसूता दिखाकर धन का बंदरबाट किया गया है।

फखरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन बौंडी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लंबे अरसे से जननी सुरक्षा योजना के तहत घोटाले की पटकथा लिखी जा रही है।
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 इस बात की तस्दीक बौंडी स्वास्थ्य केंद्र पर हुए प्रसव स्वयं कर रहे हैं। गौरतलब है कि गांव निवासी वृद्ध विधवा ननकई (60) की दस माह में पांच मर्तबा डिलीवरी दिखाकर योजना में घोटाला किया गया।

इस खबर ने प्रदेश से लेकर दिल्ली तक के हुक्मरानों में हड़कंप मचा दिया है। लेकिन, ऐसे कई और मामले सामने आ गए हैं। अमर उजाला पड़ताल में अटोडर गांव निवासी कलावती पत्नी हनुमान, बौंडी निवासी कनीजा पत्नी शरफू, रेशमा पत्नी अनवर, लक्ष्मी पत्नी राधेश्याम, पूनम पत्नी श्यामलाल सामने आई हैं, जिन्हें फर्जी तरीके से प्रसूता दिखाकर योजना के तहत मिलने वाली धनराशि का दुरुपयोग किया गया है।

इन महिलाओं का कहना है कि क्षेत्र की करीब 200 महिलाएं ऐसी हैं, जिन्हें बच्चा नहीं हुआ लेकिन उनके नाम पर डॉक्टरों व बाबुओं ने खेल किया है। मामले के खुलासे के बाद जिम्मेदारान मामले को दबाने मेें जुट गए हैं।

केस- 01
बौंडी निवासी कनीजा पत्नी शरफू का कहना है कि आठ माह पूर्व एक डॉक्टर साहब आए थे। उन्होंने 1400 रुपये देने की बात कही थी। कहा था कि बैंक तक चलो। वहां पहुंचने पर उन्होंने अंगूठा लगवा लिया।

फिर पांच सौ रुपये देने पर 1400 रुपये दिए। जब इस बात की छानबीन कराई गई तो मालूम हुआ कि सात फरवरी 2013, 20 अक्तूबर 2014 और सात मई 2015 को 1400 रुपये खाते में आए हैं। बैंक की पासबुक भी डॉक्टर साहब के पास जमा है।

केस- 02
अटोडर गांव निवासी कलावती पत्नी हनुमान का कहना है कि एक माह पूर्व आशा बहू राधा मिश्रा के पति गिरधारी घर आए थे। उन्होंने बैंक तक चलने की बात कही।

फखरपुर स्थित बैंक पहुंचने पर उन्होंने अंगूठा लगवाया, फिर 100 रुपये थमा दिए और 13 सौ रुपये खुद रख लिए। न तो मुझे बच्चा हुआ है और न ही मुझे इस बात की जानकारी है कि गिरधारी ने मुझे रुपये क्यों दिए। मेरी बेटी फूलमती की उम्र 18 साल है।
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मामले की चल रही जांच
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ केबी जैन का कहना है कि अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ उमाकांत वर्मा स्वयं इस मामले की जांच कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया पांच कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई कर दी गई है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
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