राज्य मानवाधिकार आयोग (एसएचआरसी) ने बहराइच में गैंगरेप पीड़िता के आत्महत्या करने के मामले में डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह और एसपी बहराइच से रिपोर्ट तलब की है।
अपहरण व गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने पीड़िता को थाने से भगा दिया था, जिसके बाद उसने फांसी लगाकर जान दे दी थी।
‘अमर उजाला’ में गुरुवार को प्रकाशित इस खबर का संज्ञान लेते हुए एसएचआरसी की सदस्य आशा तिवारी ने पुलिस अधिकारियों को नोटिस भेजा है।
गैंगरेप पीड़िता की एफआईआर दर्ज करने की जगह उसे थाने से भगा देना गंभीर मामला है। बाद में जबरन मंगलवार को परिवारीजनों से सुलह समझौते पर साइन करा लिए गए थे।
इसके बाद युवती ने बुधवार को फिर से पुलिस को फोन करके कार्रवाई की गुहार लगाई। इसे भी अनसुना कर दिया गया। जिसके बाद रात को युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।