इटावा। ड्यूटी से आठ साल गैरहाजिर रहे एक सिपाही को गलत तरीके से वरिष्ठता क्रम में भेजे जाने पर तत्कालीन एएसआई (एम) के खिलाफ अपर पुलिस अधीक्षक ने सिविल लाइन थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि दो फरवरी 2002 को पुलिस लाइन में तैनात सिपाही राम दास बाजपेई को यहां से ट्रांसफर कर सहसों थाने भेजा गया था लेकिन सिपाही रामदास ने वहां जाकर आमद नहीं कराई और गैरहाजिर हो गया। वह सात साल तक गैरहाजिर रहा। उसके बाद वह 19 अप्रैल 2010 को उपस्थित हुआ था। सिपाही की चरित्र पंजिका लिपिक के पास भेजी गई थी। इसमें वर्ष 2005, 2006, 2007 की उसकी रिपोर्ट अंकित कर दी गई। इससे सिपाही को वरिष्ठता क्रम के आधार पर पदोन्नति का लाभ मिल गया। बाद में इसकी जांच एएसपी राम किशुन यादव ने की। जांच के दौरान इस मामले में तत्कालीन एएसआई (एम) पुलिस कार्यालय रतिराम पाल को दोषी पाया गया। इस संबंध में एएसपी ने सिविल लाइन थाने में रति राम पाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।