बहराइच। रामगांव के एक गांव की किशोरी से ढाई साल पहले दुष्कर्म करने वाले युवक को गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने आठ साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
10 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। रुपया न अदा करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मालूम हो कि 26 अगस्त 2013 को सुबह आठ बजे 14 वर्षीय किशोरी नित्यक्रिया के लिए घर से कुछ दूरी पर खेत को गई थी।
इसी दौरान वहां गांव निवासी निजामुद्दीन पुत्र रज्जाक अली पहुंच गया और किशोरी को काबू में कर उससे दुराचार किया।
किशोरी के परिवारीजन जब इस मामले में युवक के घर पहुंचे तो उसने अपने सहयोगियों के साथ लाठी-डंडा लेकर परिवारीजनों को घेर लिया।
इस मामले में पुलिस ने किशोरी के पिता की तहरीर पर केस दर्ज किया था। चिकित्सीय परीक्षण के दौरान दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
गुरुवार को मामले की अंतिम सुनवाई न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश सुदामा प्रसाद के न्यायालय पर हुई।
सुनवाई के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह व बचाव पक्ष के वकील ने बहस की।
बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी निजामुद्दीन को दोषसिद्ध करार देते हुए आठ साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।