सांसद की सभा व धरना-प्रदर्शन के दौरान हुए हमले के मामले में रविवार सुबह वन दरोगा ने मोतीपुर थाने में तहरीर दी है। उसने सांसद के चाचा अक्षयवर नाथ कनौजिया समेत तीन लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस जांच की बात कह रही है। कार्रवाई नहीं होने से वन कर्मचारी संघ आंदोलित है।
कर्मचारी नेताओं ने तीन दिन में सांसद के चाचा व दो अन्य पर हमले का केस दर्ज नहीं होने पर कार्य ठप करने की चेतावनी दी है। मोतीपुर वन क्षेत्राधिकारी की टीम ने शुक्रवार रात चौकीदारपुरवा निवासी बहादुर के घर से सूकर का मांस बरामद किया था। उस पर 20 हजार का जुर्माना किया गया।
क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग पर ग्रामीणों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। इसी मामले को लेकर शनिवार देर शाम को सांसद सावित्री बाई फुले अपने चाचा अक्षयवर नाथ कनौजिया व क्षेत्र के लोगों को लेकर मोतीपुर वन रेंज कार्यालय पहुंची। वहां वनकर्मी नहीं मिले तो मोतीपुर वन वैरियर पर सभा व धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान वहां से गुजर रहे ककरहा रेंज के वन दरोगा रामकुमार एक अन्य वन दरोगा महेंद्र मौर्य के साथ मिहींपुरवा की ओर जा रहे थे। भीड़ ने उनके साथ मारपीट कर दी। रामकुमार का कहना है कि सांसद के चाचा अक्षयवरनाथ, हरगोविंद पांडेय, तुलसीराम के साथ अन्य लोगों ने हमला कर मारापीटा।
कार्यालय की बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया। वह जान बचाकर भागे। रामकुमार ने रविवार सुबह घटना की तहरीर थाने पर दी है।लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है। थानाध्यक्ष परवेज अशरफ का कहना है कि तहरीर पर जांच करने के बाद केस दर्ज किया जाएगा।
उधर वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष खालिद सईद, महामंत्री दीपक सिंह, उपाध्यक्ष रामवृक्ष राव आदि ने कहा कि तीन दिन में पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई नहीं की तो कामकाज ठप कर आंदोलन किया जाएगा।