आईपीएल चीनी मिल में जांच करते अफसर
- फोटो : अमर उजाला
पेराई सत्र समाप्त होने के बावजूद किसानों से खरीदे गए गन्ने का भुगतान न करने तथा जांच टीम का सहयोग न करने पर इंडियन पोटाश लिमिटेड चीनी मिल जरवलरोड के प्रबंध निदेशक समेत तीन अफसरों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
जरवलरोड चीनी मिल पर इस समय लगभग 52 लाख रुपये गन्ना किसानों का बकाया है। नियम है कि पेराई सत्र समापन व गन्ना खरीद के 14 दिन के अंदर किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया जाए। मगर मिल प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। किसानों की शिकायत पर डीएम ने एसडीएम कैसरगंज जेपी सिंह की अगुवाई में टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए थे।
गुरुवार देर शाम एसडीएम की अगुवाई में जांच टीम चीनी मिल पहुंची तो एमडी समेत तीन जिम्मेदार अधिकारी नदारद मिले। पता चला कि बहाना करके सभी अधिकारी चले गए हैं। टीम ने मिल में मौजूद अफसरों से पेराई के अभिलेख, किसानों के गन्ना भुगतान और कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा तो सभी के पसीने छूटने लगे।
जो अभिलेख टीम के सामने प्रस्तुत किया गया, उसमें भारी खामियां मिलीं। इस दौरान मिल प्रशासन द्वारा सार्वजनिक तालाब पर अतिक्रमण व कब्जे का भी मामला सामने आया। एसडीएम ने बताया कि मिल प्रशासन द्वारा जांच में सहयोग न करने, अभिलेखों में खामियां होने, किसानों को भुगतान न करने के मामले में गन्ना विकास निरीक्षक अनिल को केस दर्ज कराने के आदेश दिए गए।
उसी के तहत आईपीएल चीनी मिल के एमडी पीएस गहलोत, कार्यकारी निदेशक सुधीर रेलहन व मिल प्रबंधक सुखविंदर जीत सिंह के विरुद्ध केस दर्ज कराया गया है। वहीं, लेखपाल शकील ने मिल प्रबंधक के खिलाफ सार्वजनिक तालाब की जमीन पर अतिक्रमण करने का मुकदमा दर्ज कराया है। थानाध्यक्ष धनंजय सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।