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महिला का नहीं किया इलाज, गर्भ में शिशु की मौत

Wed, 27 Jan 2016 10:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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बहराइच (ब्यूरो)। गणतंत्र पर्व पर लोग अधिकारों की बातें जरूर करते हैं लेकिन कर्तव्य भुला बैठते हैं। कुछ ऐसा ही मंगलवार को जिला महिला अस्पताल में हुआ।
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यहां एक प्रसूता दर्द से कराहते हुए महिला अस्पताल पहुंची। डॉक्टर ने उसे भर्ती तो कर लिया लेकिन फिर सुधि नहीं ली। 24 घंटे तक वह तड़पती रही लेकिन इलाज न मिला।

बुधवार सुबह तीमारदारों ने ने राज्यमंत्री यासर शाह से शिकायत की तो उनके निर्देश पर हरकत में आए सीएमओ ने इलाज शुरू कराया।

लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी, गर्भस्थ शिशु दम तोड़ चुका था। महिला की हालत गंभीर बनी है। तीमारदारों ने इस लापरवाही के लिए डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराया है।
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दरगाह थाना क्षेत्र अंतर्गत सलारगंज नई बस्ती निवासी शबनम (20) को मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। कुछ देर में उसकी हालत बिगड़ गई। तत्काल उसे लेकर घर वाले जिला महिला अस्पताल पहुंचे।

यहां सुबह करीब आठ बजे ड्यूटी पर मिली डॉ. राबिया ने शबनम को भर्ती कर लिया। तीमारदारों का कहना है कि इलाज के नाम पर सिर्फ आरएल बोतल चढ़ाई गई, जिससे आराम नहीं मिला। शबनम दर्द से कराहती रही।

परिवारीजनों ने उसका इलाज करने के लिए डॉक्टर से मिन्नतें कीं लेकिन डॉक्टर ने कुछ देर में तबियत दुरुस्त हो जाने की बात कहकर मामला टाल दिया। 24 घंटे में डॉक्टर ने शबनम को हाथ भी नहीं लगाया।

संवेदनहीनता की हदें पार होने पर बुधवार सुबह तीमारदारों ने परिवहन राज्य मंत्री यासर शाह से शिकायत की। राज्यमंत्री ने सीएमओ डॉ कुलभूषण जैन को इलाज शुरू कराने का निर्देश दिया।

इसके बाद हरकत में आए महिला अस्पताल महकमे ने इलाज शुरू किया लेकिन तब तक गर्भस्थ शिशु की मौत हो चुकी थी। इस सूचना से तीमारदारों में आक्रोश फैल गया।

तीमारदारों का आरोप है कि इलाज में देरी के चलते गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हुई है। यदि डॉक्टर ने समय रहते प्रसव कराने का प्रयास किया होता बच्चा भी सुरक्षित होता और जच्चा की जान सांसत में न पड़ती।

प्री-एक्लेमशिया से पीड़ित है महिला

महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि प्रसूता बेहद गंभीर हालत में यहां पहुंची थी। ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण वह प्री-एक्लेमशिया से पीड़ित है।

इसी के चलते गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हुई है। इलाज शुरू किया गया है, यदि नॉर्मल डिलीवरी हो जाती है तो ठीक, नहीं तो ऑपरेशन किया जाएगा।

परिवारीजन चिकित्सक डॉ. राबिया पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। इस मामले की जांच होगी, दोषी पाए जाने पर चिकित्सक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
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दिए जांच के निर्देश

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ कुलभूषण जैन का कहना है कि प्रसूता के साथ संवेदनहीनता क्षम्य नहीं है। महिला अस्पताल के सीएमएस को जांच के निर्देश दिए हैं। मामले की निगरानी की जा रही है।


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