सरयू नदी के उस पार स्थित दूजीपुरवा निवासी महिला अपने बेटे के साथ दवा लेने नानपारा गई थी। लौटते वक्त नदी के तट पर नाव का इंतजार करते वक्त बीमार महिला बेहोश हो गई। इस बीच नदी किनारे खेल रहा उसका मासूम पुत्र डूब गया।
होश आने पर मां ने बेटे की खोजबीन शुरू की तो उसकी चप्पल नदी में उतराती दिखी। सुबह मासूम का शव घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर नदी में मिल गया। पंचनामा के बाद शव दफना दिया गया है। खैरीघाट का दूजीपुरवा गांव सरयू नदी के उस पार है। गांव निवासी लक्ष्मीनारायण व उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी कुछ दिनों से बुखार व जकड़न की चपेट में हैं।
नानपारा के एक डॉक्टर से दंपती इलाज करा रहे थे। रविवार शाम को लक्ष्मीनारायण की तबीयत ज्यादा खराब हो गई और उसकी दवा भी खत्म हो गई। इस पर लक्ष्मी अपने आठ वर्षीय पुत्र सुनील को साथ लेकर नानपारा के लिए निकली। चिकित्सक से दवा लेकर लौटने में लक्ष्मी को देर हो गई।
नदी के तट पर नाव का इंतजार करते वक्त चक्कर आने से लक्ष्मी बेहोश हो गई। इस दौरान नदी के किनारे खेल रहा सुनील पैर फिसलने से डूब गया। लगभग एक घंटे बाद नाव पहुंची तो लोगों ने लक्ष्मी को बेहोश पड़े देखा। पानी का छींटा मारने पर होश आया तो लक्ष्मी ने बेटे की खोजबीन शुरू की। कुछ दूरी पर नदी में सुनील की चप्पल उतराती दिखी।
इससे उसके नदी में डूबने का अनुमान लगाया गया। देर रात तक खोजबीन जारी रही। मगर कुछ पता नहीं चला। रविवार सुबह नौ बजे सुनील का शव घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर नदी में उतराता मिला। सूचना पाकर परिवारीजन मौके पर पहुंचे। बेटे का शव देखकर मां-बाप बिलख पड़े। तहसील को सूचना देने के बाद शव दफना दिया गया है।