कतर्नियाघाट रेंज में जंगल के निकट भैंस चरा रहे एक किशोर से गत मार्च माह में डिप्टी रेंजर ने कुकर्म का प्रयास किया। इस मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं की गई तो मामला न्यायालय पहुंचा। न्यायालय ने केस दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया।
उसके तहत सुजौली पुलिस ने डिप्टी रेंजर के खिलाफ कुकर्म के प्रयास का केस दर्ज कर जांच शुरू की है। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में कतर्नियाघाट रेंज के तहत गेरुआ नदी के किनारे मार्च माह में जंगल से सटे एक गांव का किशोर मवेशियों को चराने गया था।
उसी दौरान पहुंचे डिप्टी रेंजर रमेश चंद्र ने किशोर के साथ कुकर्म का प्रयास किया। किशोर ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी परिवारीजनों को दी। इस मामले में किशोर के पिता ने थाने पर तहरीर दी लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ।
इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने मामले की सुनवाई करते हुए सुजौली पुलिस को केस दर्ज कर विवेचना के निर्देश दिए हैं। सुजौली पुलिस ने डिप्टी रेंजर रमेश चंद्र के खिलाफ धारा 377, 511, 506 और पॉस्को एक्ट के तहत केस दर्ज किया।
प्रभारी थानाध्यक्ष महेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक घटना की जांच की जा रही है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब हो कि मार्च माह में वन विभाग ने ग्रामीणों पर घेरकर मारने-पीटने और बंधक बनाने का आरोप लगाया था।
उसी दौरान डिप्टी रेंजर द्वारा किशोर के साथ कुकर्म के प्रयास का मामला सामने आया था। कतर्नियाघाट के प्रभागीय वनाधिकारी आशीष तिवारी का कहना है कि डिप्टी रेंजर को आधा दर्जन ग्रामीणों ने बंधक बनाकर मारापीटा था। रायफल छीनने की कोशिश की थी। इस केस से बचने के लिए विपक्षियों ने साजिश रची है। इस मामले में विभागीय जांच पहले से चल रही है।